तो इन 5 कारणों से प्रेगनेंसी में बढ़ता है वजन

गर्भावस्था के दौरान वजन का बढ़ना आम बात है, क्योंकि हर महिला का इस दौरान वजन बढ़ता है। इसलिए, गर्भावस्था में सही मात्रा में वजन का बढ़ना बहुत ज़रूरी है क्योंकि इससे माँ और शिशु दोनों के ही सेहत पर फर्क पड़ता है। लेकिन, कुछ महिलाओं का वजन जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है, जो कि प्रेगनेंसी के बाद भी कम होने का नाम नहीं लेता है। इतना ही नहीं, अधिक वजन होने के कारण आपको बहुत अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

आमतौर पर, प्रेगनेंसी में महिला का वजन 10 से 11 किलो तक बढ़ जाता है। हालाँकि, यह जरूरी नहीं है कि सभी महिलाओं का वजन इतना ही बढे। किसी का कम या किसी का ज्यादा भी हो सकता है। दरअसल प्रेगनेंसी में वजन का बढ़ना, महिला की बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) पर निर्भर करता है।

सामान्यतः आपके डॉक्टर आपका वजन आपके ट्रेंड्स और पैटर्न्स के आधार पर देखते हैं। यदि आपका वजन बहुत कम है तो ऐसे में आपका बच्चा बहुत छोटा और समय से पहले पैदा हो सकता है। इसके विपरीत यदि आपका वजन बहुत ज्यादा है, तो इस स्थिति में जेस्टेशनल डायबिटीज, हाइपरटेंशन या डिलीवरी जैसे जोखिम कारक उत्पन्न हो सकते हैं।

प्रेगनेंसी में वजन बढ़ने के क्या कारण हैं ?

बहुत अधिक तनाव लेना

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में आए बदलावों को लेकर थोड़ा तनाव होना सामान्य है। लेकिन, जरूरत से ज्यादा और लगातार तनाव लेना न केवल आपके मोटापे का कारण हो सकता है बल्कि, आपके शिशु को प्रभावित कर सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि तनाव का हॉर्मोन कॉर्टिसोल प्लेसेंटा से होते हुए शिशु तक पहुंच सकता है, और शिशु के भावनात्मक विकास को तैयार करने वाले तत्वों को प्रभावित कर सकता है।

हाइपरटेंशन

गर्भावस्‍था के दौरान हाइपरटेंशन की समस्‍या कई बार हो सकती है। लेकिन, जरूरत से ज्यादा होना मां और उसके पेट में पल रहे बच्चे को गंभीर समस्याओं का शिकार बना सकता है। इससे न केवल मोटापा का खतरा हो सकता है, बल्कि यह शिशु के जन्म और जन्म के समय वजन आवश्यकता से कम होने का खतरा बनता है।

पूरी नींद न लेना

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में नींद की कमी हो जाती हैं, क्योंकि वह पूरी तरीके से सो नहीं पति हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि, हार्मोस में परिवर्तन, किसी प्रकार के तनाव या चिंता के कारण वे ठीक से सो नहीं पातीं हैं, और यही वजह है कि वह मोती होती चली जाती हैं।   

अधिक तला-भुना खाना

यह बिल्कुल सच है कि इन दिनों महिलाओं को बहुत अधिक तला-भुना और चटपटा खाने का मन करता है। ऐसा इसलिए क्योंकि, इसके साथ ही कई महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान भूख भी अधिक लगती है। जिसकी वजह से प्रेग्‍नेंस के शुरुआती दौर में वजन तेजी से बढ़ जाता है। अगर आप रोजाना 450 अतिरिक्त कैलोरी लेते हैं, तो हफ्तेभर में आपका वजन आधा किलो तक बढ़ सकता है, जो महीनेभर में 2 किलोग्राम तक बढ़ा सकता है।

इसके अलावा, हम यहाँ ऐसे ही कुछ पहलुओं पर चर्चा कर रहें हैं, जिनसे पता चलता है कि आख़िरकार प्रेगनेंसी में किस कारण से और कितना वजन बढ़ता है।

  • जन्म के समय बच्चे का औसत वजन- 3.3kg से 2.8kg होता है

  • आपके गर्भाशय के मांसपेशियों की परत – 0.9kg होती है

  • प्लेसेंटा- 0.5kg होता है

  • आपका ब्रैस्ट- 0.4kg होता है

  • बढ़ रहे रक्त की मात्रा – 1.4kg होती है

  • शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ- 2.6kg होता है

  • अतिरिक्त वसा- 2.5kg, जो स्तनपान के लिए स्टोर किया होता है

ऐसे में, आप प्रेगनेंसी में वेट गेन करती हैं, लेकिन जितना एक आइडियल वेट होना चाहिए उतना नहीं हुआ है तो ऐसे में घबराने की कोई जरूरत नहीं है। आप स्वस्थ खानपान, व्यायाम और अपने जीवन शैली में बदलाव करके अपने वजन में वृद्धि कर सकती हैं।

मॉर्डर्न मोना- मदर लाइफस्टाइल! एक दैनिक कॉलम, जहाँ महिलाओं से संबंधित पूरी जानकारी दी गई है।  जैसे- स्वास्थ्य, फैशन, फिटनेस, बच्चों का रख-रखाव, मनोरंजन, सेक्स आदि की जानकारी के लिए आप अपने सवाल इस ईमेल https://zenparent.in/community पर भेज सकते हैं।

loader