शिशु के सही विकास के लिए 8 महत्वपूर्ण पोषक तत्व

प्रेगनेंसी के दौरान, महिला जो भी खाती है, उसे अपने शिशु को ध्यान में रख कर ही खाती है। शिशु के सही विकास के लिए सिर्फ खाना ही नहीं, बल्कि पोषकता और उसकी सही मात्रा भी मायने रखती है। क्योंकि शिशु को सभी पोषक तत्वों की जरूरत सही मात्रा में होती है। शिशु के विकास के लिए बहुत से ऐसे पोषक तत्व हैं, जिनका सेवन करना जरूरी होता है। ऐसे में, यहाँ कुछ ऐसे 8 महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की सूची दी गयी है, जो आपके शिशु को स्वस्थ्य रखने में के मदद कर सकता है, वह निम्न हैं-

1 .कैल्शियम (दैनिक मात्रा- 800 mg)

शिशु को लाभ- इससे हड्डियाँ, दाँत, नसें, ह्रदय और माँसपेशियाँ स्वस्थ रहती हैं। साथ ही यह ह्रदय की लय एवं ताल तथा रक्त के थक्को के विकास में भी सहायक होता है।

खाद्य स्रोत- दूध , दही, पनीर, छोला

2 .फोलिक एसिड (दैनिक मात्रा- 300  mcg)

शिशु को लाभ- यह रीढ़ के द्रव्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो केन्द्रीय तंत्र प्रणाली में मौजूद ट्यूब को बंद करता है और मष्तिष्क कार्य को सामान्य बनाता है।

खाद्य स्रोत- हरी पत्तेदार सब्जियाँ, बीज, फलियां और खट्टे फल

3 .आयरन (दैनिक मात्रा- 30-38 mg)

शिशु को लाभ- इससे लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है, जो कोशिकाओं को ऊर्जा तथा विकास के लिए ऑक्सीजन सप्लाई करती हैं तथा यह हड्डियों और दांतों के निर्माण में भी सहायक होती है।

खाद्य स्रोत- मसूर की दाल, छोले, लाल मांस, किशमिश, आदि।

4 . मैग्नीशियम (दैनिक मात्रा–  350 mg)

शिशु को लाभ- यह मज़बूत हड्डियाँ एवं दाँत बनाने में सहायक होता है, साथ ही इंसुलिन तथा रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) के स्तर को नियंत्रित रखता है और ऊतको का निर्माण एवं मरम्मत करता है।

खाद्य स्रोत- आलू , पालक, बादाम, भूरे रंग के चावल और मसूर की दाल।

5 . फासफोरस (दैनिक मात्रा-550 mg)  

शिशु को लाभ- यह मज़बूत हड्डियों एवं दांतों का निर्माण करता है, ह्रदय की लय एवं ताल और रक्त के थक्को के विकास को सामान्य बनाए रखता है।

खाद्य स्रोत- मांस, मछली और डेयरी उत्पाद।

6 .पोटाशियम (दैनिक मात्रा- 3,500 mg)

शिशु को लाभ- यह माँसपेशियों की गतिविधि, संकुचन, एनर्जी मेटाबोलिज्म और तंत्र प्रणाली के कार्यों में सहायक होता है।

खाद्य स्रोत- आलू, मीठा नींबू, किशमिश, खुबानी, बैंगन और टमाटर।    

7 .रिबोफ्लेविन (दैनिक मात्रा- 1.14 mg)

शिशु को लाभ- अच्छा विकास, दृष्टि और स्वस्थ त्वचा को बढ़ावा देता है, साथ ही बच्चे की हड्डी, मांसपेशियों, और तंत्रिका विकास के लिए आवश्यक.आ है।

खाद्य स्रोत- दह, दूध और ताजा पनीर।

8 .जिंक (दैनिक मात्रा- 7 mg)

शिशु को लाभ-  यह अंगों, स्केलटन (कंकाल), तंत्रिकाओं और रक्तवाहिनी तंत्र (circulatory system) के निर्माण में सहायक होता है।

खाद्य स्रोत- प्रोटीन, सूरजमुखी के बीज, ट्यूना और गुर्दे सेम ( राजमा ) जैसे खाद्य पदार्थों से युक्त।

 

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