शायद ही महिलाएं गर्भावस्था के बारे में इन पुरानी बातों को जानती होंगी !

इसमें कोई शक नहीं है कि पुराने ज़माने में लोग गर्भवस्था से जुड़ी कुछ मज़ेदार बातें कहती थीं। खासकर इस बात पर अधिक जोर देती थीं कि इस दौरान क्या करना सही है और क्या गलत। हालाँकि, देखा जाए तो इनकी यह बातें बहुत हद तक सही भी होती थीं। लेकिन, आज के समय में कुछ महिलाओं को इसके बारे में पता नहीं है इसलिए आज हम आपको गर्भावस्था से जुड़ी कुछ नई बातों को बताने जा रहे हैं, जो निम्न हैं-

बच्चे की हार्ट-बीट 

एक मिथ यह भी है कि यदि आप एक लड़की के साथ गर्भवती हैं, तब आपके बच्चे की हृदय गति 140 बीपीएम प्रति मिनट से ऊपर होगी। वहीं, अगर यह एक लड़का है, तो उसके हृदय की गति 140 बीपीएम से कम होगा। हालाँकि, शोध ने इस बात को सिरे से खरिज कर दिया है। 

अपने सिर के ऊपर हाँथ रखने से शिशु को नुकसान 

थोड़ा सा सुनंने में आपको अजीब लग सकता है कि अपने सिर पर हाँथ रखने से शिशु को कैसे नुकसान हो सकता है। लेकिन देखा जाए तो यह सही भी है क्योंकि, जब आप घर के कामों में लगी होती हैं तब आप यह भूल जाती हैं कि आपके लिए क्या सही है और क्या गलत और ऐसे में आप भारी सामान को भी इधर-उधर करने की कोशिश करते हैं। जो  आपके शिशु के लिए सही नहीं होता है। ऐसे में, इस समय किसी भी तरह के भारी सामान को उठाने से बचें। 

जब गर्भवती महिला खाती हों खट्टा और मीठा 

यदि किसी गर्भवती महिला को पहले ट्राइमेस्टर में मीठा खाने का मन होता है तब उनमें लड़की होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसा पुराने ज़माने में कहा जाता था, वहीं यदि किसी महिला में खट्टे या आलू खाने की चाहत होती है तब उनमें लड़का होने की संभावना बढ़ जाती है। 

बिल्ली को न छुएं 

अगर आप घर में कुत्ते-बिल्ली जैसे पालतू जानवर पाल रखें हैं तो इनके मल या फिर इन्हें नहाने से बचें। क्योंकि, इसके मल से टोक्सोप्लासमोसिज़ नामक सक्रमण पैदा होता है, जो आपके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

गर्भावस्था के दौरान संबंध न बनाएं 

पहले के लोगों का यह मानना था कि गर्भवती महिलाओं को संबंध नहीं बनाना चाहिए। क्योंकि, उनका बढ़ा हुआ पेट किसी भी भारी चीज़ों को सहन करने के लिए (आपके पार्टनर का वजन) तैयार नहीं होता है, और इससे शिशु को नुकसान भी हो एकता है। जो कि पूरी तरह से गलत है। 

गर्भवती महिलाओं को स्नान नहीं करना चाहिए

यह एक बहुत बड़ा मिथ है, कि गर्भवस्था के दौरान आपको नहीं नहाना चाहिए। बल्कि, स्नान सूजन और मांसपेशियों के दर्द को दूर करने में मदद कर सकता है, और समय से पहले संकुचन को रोक सकता है।

लड़का या लड़की की पहचान 

पहले के समय में महिलाएं पेट के आकार को देख कर यह तय करती थीं कि पेट में पल रहा शिशु लड़का है या लड़की। आमतौर पर पहले के लोगों का यह मानना होता था कि यदि आपका बेबी बंप निचे की झुका है तब आपको लड़की होगी। वहीं दूसरी और यदि आपका पेट ऊपर की ओर उठा है तब आपको लड़का होगा। हालाँकि, इसका कोई सटीक परिणाम निकल कर नहीं आया है। अगर देखा जाए तो प्रत्येक गर्भावस्था में पेट की मांशपेशियां अधिक लोचदार होते हैं, खासकर दूसरी या तीसरी गर्भावस्था के दौरान। 

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