प्रेग्नेंट लेडीज के लिए प्राणायाम के लाभ

जब भी कोई लेडीज प्रेग्नेंट होती है तो बेबी के आने की खुशी में, उसके साथ-साथ, उसका पूरा परिवार बहुत खुश होता है| लेकिन प्रेगनेंसी का समय बहुत ही तनावपूर्ण भी होता है, खासकर तब, अगर वह पहली बार माँ बनने वाली होतीं है। जैसे-जैसे, बच्चे को जन्म देने का समय पास आता है, उसे जन्म के दौरान होने वाले दर्द का डर, अपने होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ जाती है। इसके अतिरिक्त शरीर में होने वाले बदलाव भी तनाव का कारण बनते  हैं।

खुद के और बच्चे के बेहतर विकास के लिए, माँ के मन को शांत रहना बेहद जरुरी है। यदि मन शांत रहेगा तो स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा और गर्भवती महिला, एक स्वस्थ्य शिशु को जन्म दे पायेगी| इसलिए इस समस्या से निपटने का सबसे सरल तरीका है- योग। योग से मन शान भी होगा और आपको बेबी को जन्म देने की शक्ति भी मिलेगी।  

प्रेग्नेंसी में जरुरी नहीं कि आप बहुत कठिन योग करें। केवल प्राणायाम करने से ही आपको काफी लाभ मिलेगा। प्राणायाम एक बेहद ही आसान सा योग है, जिसमें  आपको साँस अंदर की तरफ लेना होता है और फिर बाहर की तरफ छोड़ना।

सामान्यतः जब हम अंदर साँस लेते हैं तो वातावरण से ऑक्सीजन लेते हैं और जब बाहर की तरफ साँस छोड़ते हैं तो कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालते हैं। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में, हम पूरी साँस नहीं लेते, जिससे न ही हम पर्याप्त ऑक्सीजन लेते हैं और न ही पूरा कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालते हैं। प्राणायाम करने से, हम सही तरीकें से साँस लेते हैं, जिससे हमें ज्यादा ऊर्जा मिलती हैं।  

प्रेग्नेंसी में प्राणायाम करने से लाभ-

  • रक्त संचार तेज और सही से हो जाता है।  
  • रक्त में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है।
  • शरीर की अंदरूनी सफाई होती है।  
  • प्रेगनेंसी में गहरी साँस लेने की प्रक्रिया सीखने से लेबर के दर्द और प्रसव में भी आसानी होती है।  इससे आपको काफी आराम मिलता है और कुछ देर के लिए आपका ध्यान लेबर पेन की तरफ से हट भी जाता है।
  • लेबर पेन के दौरान, डर के कारण, शरीर में एड्रेनालाईन का स्तर बढ़ जाता है, जो ऑक्सीटोसिन के निर्माण को रोकता है। यह हॉर्मोन लेबर में काफी सहायक है। प्राणायाम आपको, इस डर पर काबू करने की शक्ति प्रदान करता है।  
  • रिलैक्स होने से, ऊर्जा का संचय होता है, जो बाद में लेबर के दौरान काफी मददगार होती है।

प्राणायाम की कुछ तकनीक; जैसे- साँस को थोड़ी देर के लिए रोक कर रखना या पेट को संकुचित करना), बेहोशी,  हल्के-फुल्के सिर दर्द और चक्कर जैसी समस्याओं से निपटने में काफी सहायक है। लेकिन इसे करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह ले लें।

प्राणायाम करने के लिए टिप्स :

  • खाना खाने के 3-4 घंटों के बाद प्राणायाम करें
  • प्राणायाम करने के लिए, साफ़ और शांत जगह ढूंढें
  • आराम से करें। ऐसी स्थिति में प्राणायाम करें, जिसमें आपको आराम महसूस हो
  • ज्यादा देर तक साँस को न रोकें। इस बात पर ज्यादा फोकस करें कि आप सही तरीकें से साँस लें
  • अपनी शारीरिक शक्ति को ध्यान में रख कर ही योग करें। जिस भी समय आप,, असहज महसूस करें, उसी समय योग करना बंद कर दें।

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