प्रेग्नेंट लेडीज के लिए क्यों जरुरी है पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज?

पेल्विक फ्लोर, मांसपेशियों और ऊतकों से बनी ऐसी परत होती है, जो पीछे रीढ़ की हड्डी से लेकर, सामने जघन हड्डी (प्यूबिक बोन) तक खींची होती है। यह, झूले के आकर की होती है और पेल्विक ऑर्गन्स (श्रोणि अंग) जैसे- गर्भाशय, योनि, आंत्र और मूत्राशय को सहारा देती है।  

पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां, मूत्राशय और आंत को नियंत्रित करने में भी मदद करती है। अगर पेलविक फ्लोर की मांसपेशियां कमजोर होंगी तो इससे यूरिन पास होने में बहुत कठिनाई होती है। इनके कमजोर होने से, वजाइना की मांसपेशियां भी प्रभवित होंगी और आपकी सेक्स लाइफ भी संतोषजनक नहीं होगी।

अगर कोई लेडीज प्रेगनेंट है, तो उसके प्लेविक फ्लोर पर और ज्यादा दबाव पड़ता है। इसलिए उनके लिए, पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों का मजबूत होना और ज्यादा महत्वपूर्ण है। अगर मांसपेशियां मजबूत रहेंगी तो वह आराम से अपने बढ़ते हुए बेबी का वजन सह सकती हैं और बेबी की डिलीवरी के बाद, उनके स्वास्थ्य में भी जल्दी सुधार होगा। पलविव फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए उन्हें एक्सरसाइज करना चाहिए।

यदि पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज सही ढंग से किया जाए, तो यह बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है-

  • प्रेगनेंसी के दौरान, आपके यूरिन को नियंत्रित करने और बेबी के जन्म के दौरान होने वाली परेशनियों से निपटने में काफी सहायक है
  • प्रेगनेंसी के दौरान, बढे हुए अतिरिक्त वजन का सपोर्ट करता है
  • प्रसव के दौरान, रक्त के बहाव को बढ़ाता है, और साथ ही डिलीवरी के बाद, आपके स्वास्थ्य में जल्दी सुधार लाने में मददगार है
  • पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज, आपके सेक्स लाइफ को अधिक संतोषजनक बना कर, आपके संभोग की संभावना को बढ़ाता है।

आप पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज निम्न तरीकों से कर सकती हैं-

  • आप इस एक्सरसाइज को बैठ कर, खड़े होकर या लेटकर, किसी भी आरामदायक स्थिति में,  कर सकती हैं।
  • इसके बाद, पेल्विक की (मलाशय या उसके आस-पास की मांसपेशियां) मांसपेशियों को अंदर की ओर खींचें या ऊपर की और उठाए (ऐसा करते समय आपको, यूरीन को बीच में रोकने पर या गैस निकलने से रोकते समय, जैसा महसूस होता है, ठीक वैसा ही महसूस होगा)
  • कम से कम 10 सेकेंड तक, इसी अवस्था में रहें और फिर रिलैक्स करें। इस प्रक्रिया को 10 बार दोहराएँ।
  • कोशिश करें कि, दिनभर में ऐसा 10 बार और 3-4 सेट में करें।
  • एक्‍सरसाइज के दौरान, आप अपने नितंबों को कसे नहीं और न ही सांसों को रोकें। हमेशा याद रखें कि, मांसपेशियों को अंदर खींचते और ऊपर की ओर उठाने का प्रयास करते समय, अपने पैरों और पेट को ऊपर की तरफ न खींचें।  

एक्‍सरसाइज के शुरूआती दौर में जब आप अच्छा महसूस नहीं कर रहीं हो तो ऐसे में आप, लेट कर अपने बॉडी को आराम दे सकती हैं। हालाँकि, एक्‍सरसाइज को कम से कम 5 से 10 मिनट नियमित रूप से करें। इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि इसे करने का तरीका सही हो। एक्‍सरसाज करने के बाद अंतर दिखने में कुछ समय लगेगा, इसलिये धैर्य रखें और इसे नियमित रूप से करने की कोशिश करें।  

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