प्रेग्नेंट आप, और परेशान पति?

हर व्यक्ति का व्यवहार एवं स्वभाव अलग-अलग होता है। केवल पहली बार माँ बनने जा रही महिलाएँ ही परेशान नहीं होती, बल्कि कई बार ऐसा होता है कि उनके पति उनसे कहीं ज्यादा परेशान रहते हैं। उन्हें इस बात का डर लगा रहता है कि कहीं उनके बच्चे या पार्टनर को कुछ हो न जाए। हालाँकि, यह एक अच्छी बात है कि पुरुष भी अपनी जिम्मेदारी का अहसास करें, लेकिन कभी-कभी ऐसे पार्टनर अपनी पत्नी को बात-बात पर, ऐसा न करो, वैसा  करो या ऐसा करो वैसा करो आदि के लिए टोकन लगते हैं। जैसे चाय या काफी बच्चे के लिए नुकसान दायक है, या उछले-कूदने से नुकसान जायेगा आदि। यह स्थिति, नई माँ बनने जा रही महिला के लिए तकलीफ देने वाली और कभी-कभी तो किसी मानसिक डर का कारण बन सकती है। प्रश्न यह उठता है कि महिला इस प्रकार के पति को कैसे डील करे? अर्थात कैसे अहसास दिलाए कि उसको अनावश्यक चिंता  नहीं करना चाहिए।  

यहाँ पर कुछ सुझाव दिए जा रहें हैं, जो इस सम्बन्ध में मददगार हो सकते हैं-

  • डॉक्टरों के साथ अपॉइंटमेंट पर उन्हें अपने साथ ले जाएँ- यदि आपके हसबैंड ओवर-काशस या ओवर प्रोटेक्टिव हैं और बात-बात पर सावधानी बर्तने के लिए कहते हैं। छोटी-छोटी चीज के करने या न करने के लिए कहते हैं। ऐसे में, जब भी आप डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट लें, उन्हें अपने साथ ले कर जाएँ और उन्हें डॉक्टर से अपनी चिंताओं से सम्बंधित प्रश्न पूछने दें। जैसे क्या काफी नुकसान दायक है या क्या इस दौरान, अंतरंग सम्बन्ध बनाए जा सकते हैं, आदि। डॉक्टर से सही जवाब मिलने पर, उन्हें समझने में आसानी हो जाती है और उनकी आशंकाएं भी खत्म हो जाती हैं।
  • उन्हें इस सम्बन्ध जानकारी करने के लिए प्रोत्साहित करें-  अच्छी और विश्वसनीय पत्र-पत्रिकाओं आदि में, गर्भावस्था के बारे में  प्रकाशित लेख आदि पढ़ने के लिए कहें। इससे प्रेग्नेंसी के बारे में, उनकी चिंता दूर हो जाएगी। उन्हें विश्वास हो जायेगा की रोजमर्रा की सामान्य गतिविधियों से बच्चे को कोई समस्या नहीं हो सकती है।  
  • वयस्कों की तरह करें चर्चा- पति-पत्नी का रिश्ता, माता-पिता के साथ, बच्चे के रिश्ते जैसा नहीं होता है, जहाँ सिर्फ माता-पिता कहते हैं क्या करना है और क्या नहीं करना है। आप, अपने हसबैंड के बराबर हैं, इसलिए उनसे समान अधिकार से बात करें। प्रेग्नेंट होने के नाते, उन्हें आप अपनी हर गतिविधि को निश्चित करने का अधिकार न दें। आप उन्हें बताएं कि मैंने डॉक्टर से जानकारी ले ली है और ऐसा करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं  है। पति के साथ पूरे विश्वास के साथ बात करें, कि कौन सी चीज नुकसानदायक है और कौन सी नहीं, यह निश्चित करना डॉक्टर का काम है। कैफीन या एक्सरसाइज कितनी मात्रा नुकसान कर सकती है और कितनी फायदेमंद है यह डॉक्टर या एक्सपर्ट बता सकते हैं।  
  • डरें नहीं-  यह कतई न सोचे कि आपके हसबैंड पेट में पल रहे बच्चे के बारे में अचानक चिंतित हो जाते हैं या किसी कारण से बच्चे को एबॉर्ट करने के लिए कहें। यदि कभी-कभी ऐसी स्थिति आ जाये तो आप वहीं करें जो करने को आपका दिल करें या इस सम्बन्ध में शांत मन से डॉक्टर से बात करें तब कोई  निर्णय लें।

स्वस्थ प्रेग्नेंसी एक सुखद स्थिति होती है। इससे सभी को ख़ुशी मिलती है। इस लिए माँ के लिए ये क्षण विशेष अहसास का होता है इसका आनंद लें, हर बात पर रोक लगाकर इन सुनहरे पलों को कष्टकर न बनाएँ।

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