प्रेगनेंसी से जुड़ा एक मिथक

कहा जाता है कि प्रेगनेंसी के दौरान, जी चीज का बच्चे का खाने का मन होता है, माँ को भी वही चीज खाने का मन होता है। यदि आपको भी ऐसा ही लगता है, तो यह बात पूरे तरीके से सही नहीं है। बल्कि सच्चाई तो यह है कि आप जिस तरह का आहार लेती हैं, आपका बेबी भी उसी आहार का आदि होने लगता है।  इसका सबसे बड़ा कारण है स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ, जो मॉलिक्यूल्स के रूप में होते हैं, प्लेसेंटा और एमनियोटिक द्रव में जाकर खत्म होते हैं। यहीं से बच्चे को यह पदार्थ प्राप्त होते हैं। उदहारण के तौर पर; यदि आपको स्पाइसी खाने की हमेशा लालसा होती है, तो ऐसे में आपके बच्चे को स्पाइसी खाने का स्वाद एमनियोटिक द्रव में मिलता है। क्योंकि, बच्चे इस फ्लेवर का प्रयोग करते हैं। हालाँकि, एक समय में इसका स्वाद ख़त्म भी हो सकता है, और ऐसे मे बच्चे इस स्वाद से दूरी भी बना सकते हैं।  

यहाँ हमारे कहने का मतलब यह है कि आपका बच्चा आपको कुछ खाने के लिए नहीं उकसाता बल्कि, आप खुद नियमित तौर पर जिन चीजों का सेवन करती हैं, आपका खुद का झुकाव उसी तरफ होता चला जाता है। आमतौर पर, डॉक्टर इस बात पर भी ध्यान देते हैं कि, बच्चे का स्वस्थ्य या बीमार होना आपके खान-पान पर निर्भर करता है। यदि आपको लगातार वेजिटेबल्स खाने की लालसा हो रही होती है तो ऐसे में आपके बच्चे में भी जिटेबल खाने की लालसा बढ़ जाती है।

निष्कर्ष

हालाँकि, यह सच है कि प्रेगनेंसी के दौरान आप जो भी खाते हैं वह दोनों की पसंद और स्वाद पर निर्भर करता है। लेकिन, याद रखें कि आप जिस भी खाद्य पदार्थ का चयन करती हैं, वह हेल्थी हो ताकि आपके शिशु के स्वास्थ्य पर सही प्रभाव डाल सके।

 

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