प्रेगनेंसी में यह 3 चीजों का पता आप अल्ट्रासाउंड के जरिए लगा सकती हैं !

प्रेगनेंसी में क्यों किया जाता है अल्ट्रासाउंड ? | Pregnancy men kyon kiya jata hai ultrasound

गर्भावस्था के दौरान किए गए अल्ट्रासाउंड को सोनोग्राफी भी कहते हैं। जिसका हाई फ्रीक्वेंसी साउंड वेव्स के द्वारा किया जाता है। जिसके जरिए आप शरीर के भीतर होने वाली हलचल या किसी भी गड़बड़ी को एक ट्रांसड्यूसर नामक डिवाइस के माध्यम से देख सकते हैं। हालाँकि, प्रेगनेंसी से पहले अल्ट्रासाउंड इसलिए किया जाता है ताकि आप अपने बच्चे के छवि को देख सकें।

हालाँकि, गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड करने खास मकसद यह होता है कि आप अपने भ्रूण का आकलन अच्छे से कर सकें। साथ ही, बच्चे की छवि को स्पस्ट रूप से देखा जा सके। इसके अलावा एमनियोटिक थैली, भ्रूण और अंडाशय को भी देखा जा सकता है। साथ ही, यदि किसी गर्भवती महिला को अंदरूनी तौर पर कुछ परेशानी है तो उसे भी अल्ट्रासाउंड के जरिए साफतौर पर देख सकते हैं।

सामान्यतः अल्ट्रासाउंड स्कैन के जरिए कुछ और चीज़ों का पता लगाया जा सकता है, जैसे कि-

बच्चे के आकार का पता

प्रेगनेंसी के शुरूआती दिनों में जब आपको पता चलता है कि आप गर्भवती हैं तो डेटिंग स्कैन के जरिए इस बात की जाँच की जाती है की आप कितने  हफ्ते से गर्भवती हैं। खासकर उस दिन से इसकी गिनती की जाती है जिस दिन से आपका पीरियड्स बंद हुआ हो। ऐसे में, अल्ट्रासाउंड के जरिए इस बात की पुष्टि की जाती है।

जुड़वाँ गर्भवस्था की जाँच

इसके अलावा, अल्ट्रासाउंड के जरिए किसी भी गर्भवती महिला में इस बात का पता लगाया जाता है कि आपके गर्भ में एक या उससे अधिक बच्चे तो नहीं हैं।

गर्भाशय की स्थिति का पता

अल्ट्रासाउंड के जरिए महिलाओं में उनके गर्भाशय के साथ-साथ कुछ असामान्यताओं का पता लगाने के लिए भी यह जाँच की जाती है।

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