प्रेगनेंसी में खुद को और अपने बेबी को न होने दे एनीमिया

जब आप प्रेगनेंट होती हैं, तो सबसे पहले शरीर में आयरन की आवश्यकता बढ़ जाती है। क्योंकि आयरन की आवश्यकता हीमोग्लोबिन बनाने के लिए होती है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला प्रोटीन है, जो शरीर के विभिन्न अंगों तथा ऊतकों में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है।

प्रेगनेंसी के दौरान, आपके शरीर को सामान्य से 50 प्रतिशत अधिक रक्त वहन करना पड़ता है। ऐसे में शिशु और प्लेसेंटा के लिए आपके अंदर आयरन की आवश्यकता भी उसी अनुसार बढ़ जाती है।

मेडिकल भाषा में, एनीमिया वह स्थिति है, जिसमें रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम हो जाता है। इसे ‘आयरन की कमी’ या ‘खून की कमी’ भी कहा जाता है। ऐसे में यदि आपको आहार से आयरन की उतनी मात्रा नहीं मिल पा रही, जितनी शरीर को जरूरत है, तो आपको आयरन की कमी या आयरन की कमी वाला एनीमिया हो सकता है।

एनीमिया से महिला को होने वाली समस्याएं-

  • समय से पहले शिशु का जन्म (अधिक से अधिक तीन सप्ताह से पहले बच्चे का जन्म) होना।
  • शिशु का कम वजन लगभग ( 2500 gms) होना।
  • बच्चे का जन्म गर्भावस्था के 24 हफ्ते के बाद, बिना किसी लक्षण के होना।
  • नवजात मृत्यु (जन्म केतुरंत बाद मृत्यु)

शिशु के लिए जरूरी है आयरन

आपके द्वारा आयरन लिए जाने के बाद, पहले वह आपके बच्चे को मिलता है और फिर आपको। लेकिन यदि आपक पर्याप्त आयरन नहीं ले पाती हैं, तो नहीं तो आपके बेबी के लिए आयरन की आपूर्ति हो पाती है और न ही आपके लिए। ऐसे में आपको और आपके बेबी दोनों को ही एनीमिया हो जाता है। भले ही महिला को सामान्य दिनों में, थोड़ी-बहुत आयरन की कमी हो जाए, लेकिन प्रेगनेंसी में, यह आपके और आपके बच्चे के लिए ख़तरा हो सकता है। इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान, आयरन की सही मात्रा लिए जाने का खास ख्याल रखना चाहिए।  

एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि, एनीमिया के कारण प्रसवोत्तर अवसाद होने का खतरा भी बहुत बढ़ जाता है।

 

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