प्रेगनेंसी में खतरनाक हो सकता है डिप्रेशन

कई महिलाओं के लिए, प्रेग्नेंसी के अनुभव कुछ ज्यादा ही खराब हो जाते हैं। बहुत सी महिलाएं, इस अवस्था में, डिप्रेशन की शिकार भी हो जाती हैं। ऐसा, हॉर्मोन के स्तर में बढ़ोत्तरी के कारण हो सकता है। शरीर में अचानक हॉर्मोन का स्तर बढ़ने से, यह दिमाग को भी प्रभावित करता है। इससे प्रेग्नेंट लेडीज को डिप्रेसन हो सकता है।   

ज्यादातर महिलाओं को ऐसा लगता है कि यह डिप्रेसन नहीं है, बल्कि प्रेगनेंसी के दौरान, होने वाला सामान्य व्यवहार है। लेकिन अगर किसी महिला को बहुत ज्यादा उदासी महसूस हो रही हो, तो उसे अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए।

डिप्रेसन को ऐसे ही नजरंदाज नहीं करना चाहिए और खासकर प्रेग्नेंसी में। अगर इसका समय पर इलाज नहीं किया गया तो इससे समय से पूर्व प्रसव होने की सम्भावना बढ़ जाती है और इससे न ही आप अपना ध्यान रख पाती हैं और न ही अपने बेबी का।

अगर आपके परिवार में किसी को डिप्रेसन हो, अगर आपके अपने पति के साथ सम्बन्ध अच्छे न हो या अगर आपको फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के बाद बेबी हो रहा हो तो डिप्रेसन होने की सम्भवना, और ज्यादा बढ़ जाती है।

अगर आपको कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा हो, दुखी हो, हमेशा खालीपन महसूस होता हो, फोकस या कॉन्संट्रेट होने में कठिनाई आ रही हो, बहुत ज्यादा चिड़चिड़ापन या जरूरत से ज्यादा रोने का मन कर रहा हो, सोने में परेशानी हो रही हो तो ये सभी लक्षण डिप्रेसन के हो सकते हैं, इसलिए बेहतर है कि आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अगर आपको अपने रोजमर्रा के काम करने में परेशानी हो रही हो, या खुद को नुक्सान पहुंचाने की कोशिश भी आप कर चुकी हों, तो किसी अच्छे साइकेट्रिस्ट से मिलें।

डिप्रेसन से लड़ने के लिए, निम्नलिखित तरीकों को भी अपना सकती हैं-

  • अपने खुद को भी महत्त्व दें, खुद से प्यार करें। आराम से हर परेशानी को समझें और उसका हल निकालने की कोशिश करें।
  • अपने पति के साथ समय बिताए। अपने पति के साथ कही बाहर घूमने जाए।
  • आपको जो भी समस्या हो रही है, अपने दोस्तों या परिवारवालों को बताए। इससे आप, अपने मन के डर को कम कर पाएंगी।
  • जब भी आपको यह महसूस हो कि आपको तनाव हो रहा है तो थोड़ा ब्रेक लें। अपना मन किसी और काम में लगाए। बहुत ज्यादा तनाव लेने से बचे, यह आपके और बेबी दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है।

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