प्रेगनेंसी में घी कितना जरूरी?

भारत एक ऐसा देश है, जहाँ घी और दूध को सम्पूर्ण सेहत के लिए सबसे फायदेमंद माना जाता है। वहीं यदि बात प्रेग्नेंट वुमन की हो तो, इसका महत्त्व और भी बढ़ जाता है। भारत में प्रेग्नेंट वुमन को घी ख़ास तौर पर पिलाया जाता है। प्रेगनेंसी के साथ-साथ, डिलवरी के 2 महीनों बाद तक महिला के खान-पान में घी विशेष तौर पर शामिल होता है। दरअसल प्रेग्नेंट महिलाओं को घी खिलाने के पीछे मान्यता यह होती है कि इससे जननांगों में चिकनाई और शरीर को प्रेगनेंसी झेलने की ताकत मिलती है। इससे डिलवरी में भी आसानी होती है। हालाँकि इन मान्यताओं को अभी तक विज्ञान ने अपनी सहमति नहीं दी है।

हालाँकि, ऐसा माना जाता है कि घी रेचक (सफाई करने वाला) के रूप में कार्य करता है, खास कर उन महिलाओं को जिनके प्रसव में समय लगता है, और साथ ही यह प्रसव दर्द शुरू करने में मदद करता है। इसके अलावा, घी आंतों में उत्तेजना पैदा करता है, जो बढ़कर गर्भाशय तक पहुंच जाती है, जिससे कि संकुचन पैदा पैदा होता है। इतना ही नहीं यह योनि को चिकना बना देता है जिससे कि, डिलीवरी आसान हो जाती है।

अगर आप संतुलित आहार खा रही हैं, तो ऐसे में यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि आप अनावश्यक घी पीकर   अपनी कैलोरी की मात्रा बढ़ाएं। नवीनतम शोध से यह पता चला है कि प्रेग्नेंट महिला को लास्ट ट्राइमेस्टर में रोजाना केवल 200 अतिरिक्त कैलोरी की आवश्यकता होती है।  

शायद आपको पता होगा कि, गर्भावस्था के दौरान अतिरिक्त वजन बढ़ने से प्रसव के बाद उसे घटाना बहुत मुश्किल हो जाता है। साथ ही, अत्याधिक घी के सेवन से आपको दस्त (डायरिया) हो सकता है , जिससे कि आप कमजोर और मिचली जैसा महसूस कर सकती हैं।

आसान प्रसव सुनिश्चित करने के लिए आप गर्भावस्था के दौरान, कई ऐसे कदम उठा सकती हैं, जो आपके प्राकृतिक या योनि से जन्म देने की संभावना को बढ़ा देते हैं। मगर, बच्चे का जन्म अप्रत्याशित भी हो सकता है, इसलिए न तो आप और न ही डॉक्टर पहले से बता सकते हैं कि यह किस तरह सामने आएगा। इसके लिए सबसे बेहतरआप कुछ कर सकती हैं, जैसे-

  • संतुलित भोजन खाएं,
  • डॉक्टर द्वारा निधार्रित विटामिन सप्लीमेंट लें,
  • मन को सकारात्मक रखें,
  • कुछ हल्के व्यायाम करें, जैसे- पैल्विक फ्लोर एक्सएरसाइज, जो आपकी श्रोणी मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है, साथ ही यह पैल्विक और रैक्टम (मलाशय) में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है,
  • जितना हो सके आराम करें,
  • डिलीवरी से पहले डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

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