प्रेगनेंसी में, भूख शांत करने के लिए कुछ भी न खाएं

भूख लगना, एक प्राकर्तिक प्रक्रिया है, लेकिन थोड़ी-थोड़ी  देर में, भूख लगने की आदत से, आपका वजन भी बढ़ सकता है। अक्सर ऐसा देखा गया है, कि यदि कोई लेडी प्रेग्नेंट होती है, तो उसे ज्यादा भूख लगती है,  क्योकि, इस हालत में, ज्यादा कैलोरी की जरुरत पड़ती है।

प्रेगनेंसी में, सही आहार का मतलब है- आप क्या खा रही हैं, न कि कितना खा रही हैं। लेकिन प्रेग्नेंट लेडी को भी, आवश्यकता से अधिक नहीं खाना चाहिए। यहाँ तक कि प्रेग्नेंट लेडीज को अपने खान-पान पर, ज्यादा ध्यान देने की जरुरत है।   

अक्सर प्रेगनेंसी की हालत में, हॉर्मोन में बदलाव या कई अन्य कारणों से, कुछ भी खाने का मन करता है। इस समय प्रेग्नेंट लेडी, स्वीट्स और जंक फ़ूड ज्यादा खाने लगती हैं। लेकिन उन्हें, ऐसी चीजों से बिलकुल  दूर रहना चाहिए। प्रेग्नेंट लेडी का हेल्थी खाना बहुत जरुरी है और उन्हें ऐसा आहार लेना चाहिए, जिसमे प्रॉपर न्यूट्रिएंट, प्रोटीन, और हेल्थी फैट्स हो। अगर वह चाहें, तो ज़्यादा कैलोरी ले सकती हैं, लेकिन यह कैलोरी भी, हेल्थी फ़ूड से ही होनी चाहिए।

प्रेग्नेंट लेडीज को डायरेक्ट पैकेट फूड्स का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योकि इसमें ऐसी बहुत सी चीजें होती है जो उनके साथ-साथ बच्चें में हेल्थ भी भी नेगेटिव असर डालती हैं।

यहाँ हम कुछ ऐसे ही ट्रिक्स पर चर्चा कर रहें हैं,  जिनसे आप अपनी भूख को शांत भी कर सकती हैं और हेल्दी भी रह सकती हैं-

हाई फाइबर और प्रोटीन युक्त डाइट लें

भूख कम करने का सबसे अच्छा तरीका है, हाई फाइबर युक्त डाइट लें। फाइबर युक्त डाइट से केवल भूख ही कंट्रोल नहीं होती, बल्कि इससे, आप कब्ज जैसी समस्या से भी आसानी से निजात पा सकती हैं।

लो-सोडियम का इस्तेमाल करें

अक्सर, प्रेगनेंसी की हालत में, महिला को बहुत ज्यादा नमक और तीखा भोजन करने का मन करता है, जैसे- चाइनीज़ फ़ूड या फ्राइड चिकेन। कभी-कभी आप इस तरह का खाना खा सकती हैं, लेकिन बाकि समय नमक पर नियंत्रण रखें।

अगर संभव हो तो, फ्रूट्स और वेजिटेबल के साथ नमक न लें। नमक के ज्यादा प्रयोग से शरीर में सूजन की समस्या हो सकती हैं। डॉक्टर भी, दिनभर में 2300 मिलीग्राम से ज्यादा सोडियम न लेने की सलाह देते हैं। पूरे दिनभर, जितना हो सकें, उतना पानी पिए। इससे आपको भूख भी कम लगेगी और बॉडी हाइड्रेटेड भी रहेगी।

गर्भावस्था में, भूख पर नियंत्रण करना बहुत मुश्किल है। इसलिए इस समय जितना हो सके, उतना ताजे फल और सब्जियां खाए। एक बार में ही खूब सारा खाना न खाकर, थोड़ी- थोड़ी देर में, और खूब चबा कर खाए। जहां तक संभव हो, फलों को उनके प्राकृतिक रूप में खाएं, ऊपर से नमक-मिर्च व मसाला मिलाने से परहेज करें। अधिक चीनी व नमक वाला खाना न खाएं।

नोट- यदि आपको खाद्य-पदार्थों के अलावा, किसी अन्य चीज, जैसे- मिट्टी, साबुन, कपड़े धोने का साबुन, गंदगी, पेंट चिप्स, कॉर्न स्टार्च, या राख इत्यादि को खाने की इच्छा हो रही हो रही है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें, क्योकि यह एक प्रकार की खाने से सम्बंधित बीमारी हो सकती है, जिसे पिका (Pica) कहा जाता है। पिका एक गम्भीर समस्या है, जो कैल्शियम और आयरन की कमी के कारण होती है।

 

loader