प्रेग्नेंसी में, अनदेखा न करें फाइबर

अनिसंदेह आप चाहती हैं कि आपका बेबी एकदम हेल्दी हो, लेकिन मैडम इसके लिए जो कुछ भी कर सकती हैं, आप ही कर सकती हैं। यदि आप हेल्दी डाइट लेंगी, तो जरूर आपका बेबी हेल्दी होगा। हम  यहाँ जिस पोषक तत्व की बात प्रेगनेंसी के 15वें हफ्ते के लिए कर रहे हैं, वह है फाइबर।

फाइबर हमारी पाचन क्रिया को सुचारु रूप से बनाए रखने और शरीर से ठोस अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। यह कब्ज की समस्या नहीं होने देता। वहीं प्रेग्नेंट लेडीज में, पाचन तंत्र सम्बंधित समस्या जैसे- कब्ज या दस्त या बवासीर होना बेहद आम होता है। इस तरह की समस्या से निपटने के सबसे सरल उपाए हैं- पर्याप्त मात्रा में फाइबर युक्त भोजन लेना।  

अक्सर प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही में, लेडीज को, हॉर्मोन में बदलाव के कारण, कब्ज की समस्या हो ही जाती है। इस समय मेडिसिन लेना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए अगर आप अपने आहार में पर्याप्त मात्रा में फाइबर का प्रयोग करती हैं तो कब्ज की समस्या से आसानी से निपट सकती हैं। फाइबर मुख्य रूप से पेड़-पौधों से प्राप्त किया जाता है।

फाइबर दो प्रकार का होता है-

अघुलनशील फाइबर

इस तरह के फाइबर से हमारा पाचन तंत्र ठीक से काम करता है। यह प्राकृतिक रूप से आँत की सफाई करता है। यह अपशिष्ट पदार्थों को नीचे की तरह ले जाते हैं, ताकि वह शरीर से बाहर निकल सकें। यह मल को भी मुलायम करता है, ताकि आपको कब्ज की समस्या से छुटकारा मिल सकें। इस तरह का फाइबर, मुख्य रूप से साबुत अनाज, सब्जियां, फल, सूखे मटर और सेम में पाया जाता है।

घुलनशील फाइबर

इस तरह का फाइबर, ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है और साथ ही रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम करने में मदद करता है। यह मुख्य रूप से जई, जौ, सब्जियां, फल, सूखे मटर और सेम जैसी चीजों में पाया जाता है।

एक प्रेग्नेंट लेडीज को एक दिन में, 28 ग्राम फाइबर लेना चाहिए। कभी-कभी आपकी डॉक्टर आपको फाइबर के सप्लीमेंट भी खाने के लिए देती हैं। लेकिन आपको फाइबर की आपूर्ति, आहार के माध्यम से ही करने की सलाह दी जाती है। अगर आपको अपना पाचन तंत्र स्वस्थ्य रखना है तो आपको एक हेल्थी लाइफस्टाइल अपनाना होगा और साथ ही आपको, अपने आहार में पर्याप्त मात्रा में फ्लूइड भी लेना होगा। तभी आप एक हेल्थी बेबी को जन्म देंगी।

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