“प्रेगनेंसी में नॉर्मल हो सकता है स्पॉट, ब्लीडिंग नहीं!”

स्पॉटिंग या ब्लीडिंग, प्रेगनेंसी की उस स्थिति को कहा जाता है, जिसमें महिला को प्रेगनेंसी के दौरान, हल्का रक्त स्त्राव होकर धब्बा सा बन जाता है। यह रक्त भी, पीरियड्स के ही रक्त के जैसा होता है, लेकिन यह बेहद हल्का या भूरे रंग का भी हो सकता है। हालाँकि प्रेगनेंसी के शुरुआती हफ़्तों में, धब्बा (स्पॉट) लगना बेहद आम होती है। इसमें घबराने जैसी कोई बात नहीं होती, बशर्ते यह बार-बार न हो रहा हो।  

यदि, आपको प्रेगनेंसी के दौरान, एक बार हल्का सा रक्त स्त्राव हो जाए तो यह सामान्य हो सकता है, लेकिन कभी-कभी यह मिसकैरेज का संकेत भी हो सकता है, इसलिए इसे नजरअंदाज करने के बजाय अपने डॉक्टर से जरूर मिलें।

क्यों होता है ऐसा?

प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में, यदि आपको हल्का धब्बा नजर आता है, तो अक्सर यह आपके पीरियड्स के एक दम सही समय पर होता है। यह एक या कभी-अभी दो दिनों तक भी हो सकता है। इसे आप केवल तब ही नोटिस करती हैं, जब आप बाथरूम जाती हैं।

हालाँकि अभी तक इस बात को लेकर विशेषज्ञ पूरी तरह से निश्चिंत नहीं हैं, कि ऐसा क्यों होता है, लेकिन इसके कुछ कारण निम्न माने जाते हैं-

  • वह हार्मोन्स, जिनके कारण आपके पीरियड्स आते हैं, वही इस तरह के स्पॉट का भी कारण होते हैं।
  • फर्टिलाइज ऐग, यूटरस की दीवारों से घिर जाता है।

हल्के रक्त स्त्राव या स्पॉटिंग के कुछ अन्य कारण

आपके शरीर में होने वाले कुछ बदलाव भी स्पॉटिंग का कारण बन सकते हैं, जैसे-

  • सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) में होने वाली जलन
  • फाइब्रॉइड्स। कभी-कभी प्लेसेंटा भी फाइब्रॉइड्स में चिपक जाता है।
  • सर्विक्स में, पॉलिप यानी एक उभार सा बन जाना। हालाँकि यह नुकसानदायक नहीं होता।
  • सर्विक्स या वेजाइना में होने वाला संक्रमण
  • यह आनुवंशिक विकार भी हो सकता है। इस विकार में, बल्ड क्लॉट बनना मुश्किल हो जाता है और इससे महिला को ब्लीडिंग होने लगती है।

प्रेगनेंसी में, ब्लीडिंग के कुछ अन्य कारण, जो नुक्सानदायक भी हो सकते हैं-

यदि किसी महिला को उसकी प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में, रक्तस्त्राव होता है, तो यह एक्टोपिक प्रेगनेंसी (अस्थानिक गर्भावस्था) या फिर मिसकैरेज का संकेत भी हो सकता है। यदि इस तरह की स्थितियां दिखाई देती हैं, तो ब्लीडिंग के साथ-साथ क्रैंप्स और पेट में दर्द भी होता है।

प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग हो तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें

यदि, प्रेगनेंसी के किसी भी सप्ताह में, आपको ब्लीडिंग होती है, तो देर न करें और डॉक्टर से संपर्क करें। भले ही ब्लीडिंग कुछ देर होने के बाद रुक ही क्यों न गई हो। इस तरह की स्थिति में, डॉक्टर वेजाइना के अंदर की जाँच करते हैं। या फिर अल्ट्रासाउंड स्कैन भी किया जा सकता है। ऐसे में, यदि आपको बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हुई है, तो एक्टोपिक प्रेगनेंसी भी जाँच में आ सकती है। इसलिए प्रेगनेंसी में रक्तस्त्राव को नजरअंदाज बिलकुल न करें।

 

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