प्रेगनेंसी में मूड़ स्विंग्स को कैसे करें मैनेज?

प्रेगनेंसी में, मूड़ स्विंग्स होना बहुत आम है और हर महिला को मूड़ स्विंग्स होते ही हैं। मूड़ स्विंग्स में, प्रेग्नेंट लेडी का मूड़ इतना चंचल हो जाता है कि एक मिनट में जहाँ वह उत्सुक हो जाती हैं, वहीं दूसरे मिनट में, उसका रोने का मन हो जाता है। यहाँ तक कि स्विंग्स के पीछे कोई कारण भी नहीं होता। जब आपको मूड़ स्विंग्स हों, तो आप यह मत भूलिए कि न ही तो आप अकेली हैं और न ही असहाय और सबसे बड़ी बात कि एक नन्ही सी जान भी है, जो  दुनिया में आकर आपके प्यार भरे स्पर्श का इंतजार कर रही है।

प्रेगनेंसी में मूड़ स्विंग्स होने का सबसे बड़ा कारण होता है, शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव। यही बदलाव, आपको पल में हंसने, पल में चिढ़ चिढ़ाने और पल में रोने के लिए मजबूर कर देते हैं। हालाँकि इससे कोई नुक्सान नहीं होता। यही मूड़ स्विंग्स हैं, जो पल में आपको आपके बच्चे से मिलने के लिए उत्सुक कर सकते हैं और दूसरे ही पल किसी और चीज पर आपका ध्यान केंद्रित करवा कर आपको उदास कर सकते हैं।

प्रेगनेंसी में होने वाले मूड़ स्विंग्स को कैसे करें मैनेज?

पार्टनर से बात करें

अपनी भावनाओं को लेकर, सजग और सच्चे रहें।  अपने पार्टनर से इस बारे में खुलकर बात करें। घर के दूसरे सदस्यों से भी बात करें। यकीन मानिए जब आप अपने मन की बात अपने घर के अन्य सदस्यों से शेयर करेंगी और वह आपकी भावनात्मक स्थिति को समझ कर आपकी सहायता करेंगे तो आप अपने मूड स्विंग्स को बेहद आसानी से हेंडल कर सकती हैं।

सीधे तौर पर उनसे सहायता मांगिये

आपके परिवार वाले भी जानते हैं, कि प्रेगनेंसी के दौरान, बार-बार मन बदलता है। ऐसे में, अपने मूड़ स्विंग के बारे में, उनसे सीधे तौर पर सहायता मांगिये। अपने परिवार, पार्टनर के साथ-साथ अपने दोस्तों के साथ भी टच में रहिये उनसे भी अपनी स्थिति का जिक्र करें। आपकी सहायता करने में निसंदेह सभी को बहुत ख़ुशी होगी।

खूब आराम करें

प्रेगनेंसी के दौरान, आराम और भरपूर नींद बहुत महत्वपूर्ण है। यदि आप प्रॉपर नींद नहीं ले रहीं हैं, तो आपके स्वभाव में, चिड़चिड़ापन आना स्वभाविक है। यदि आप कामकाजी हैं, तो अपनी डिलीवरी से कुछ दिनों पहले ही छुट्टी ले लें।

मनोरंजन भी जरूरी

प्रेगनेंसी में खुश रहना बहुत जरुरी है। यदि आप बिना किसी कार्य के खाली बैठेंगी, तो जरूर इधर-उधर के ख्याल मन में आएँगे। बेहतर होगा कि आप ऐसे में, खुद के मनोरंज के साधनों के बारे में सोचे। दोस्तों के साथ चिल करें। या अपनी पसंदीदा फिल्म अपने पार्टनर के साथ बैठकर देखें। कोई अच्छी किताब पढ़ें। घर के अन्य सदस्यों के साथ कोई इनडोर गेम खेल लें।

हल्की-फुल्की एक्सरसाइज भी करती रहें

एक्सरसाइज बॉडी समेत मन को भी ताजगी देती है। जब भी आपको तनाव या चिंता महसूस हो, स्विमिंग के लिए चली जाएँ या ताज़ी हवा में टहलने चली जाएँ। योगा कर लें। लेकिन ध्यान रहे कि आप जो भी एक्सरसाइज करें अपने डॉक्टर से पहले सलाह जरूर ले लें और शुरुआत में फिजिशियन की देख-रख में ही एक्सरसाइज करें।

पार्टनर के साथ बॉन्डिंग

जब भी मन शांत हो, अपने पार्टनर के साथ थोड़ा समय जरूर बिताएं। उनसे बात करें। क्योंकि इस तरह की स्थिति में, सिर्फ आपको ही चिंता नहीं होती, बल्कि आपके पार्टनर को भी अपने पापा बनने की उत्सुकता होती है। एक दूसरे से बात कर के दोनों को अच्छा लगेगा। साथ ही दोनों के बीच भावनात्मक रिश्ता भी मजबूत होगा।

खुद को दोषी न समझें  

प्रेगनेंसी किसी भी महिला के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव होता है। ऐसे में, आपको कभी बहुत ज्यादा उत्सुकता, कभी बहुत ज्यादा चिंता होना बेहद आम सी बात है। ऐसे में, खुद पर न खिजें, कूल रहें। अपनी नकारात्मक भावनाओं को नियंत्रित करें और खुद को छोटी-छोटी चीजों में दोष ने दें।

 

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