प्रेगनेंसी में क्यों पड़ती है सप्लीमेंट्स की जरूरत?

प्रेगनेंसी के दौरान, डॉक्टर शुरुआत से ही महिलाओं को आयरन और फॉलिक एसिड के सप्लीमेंट्स देना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा, डॉक्टर उन्हें विटामिन्स और कैल्शियम के सप्लीमेंट्स भी जरूरत के अनुसार दे सकते हैं। इन सभी सप्लीमेंट्स को, महिला को पूरी प्रेगनेंसी के दौरान, खाना होता है। यह सप्लीमेंट्स माँ और उसके होने वाले बच्चे की सभी पोषक तत्वों की पूर्ती के लिए दिए जाते हैं।

ऐसे ही कुछ सप्लीमेंट्स, जिन्हें डॉक्टर महिला के प्रेग्नेंट होने पर लेने की सलाह देते हैं-

ओमेगा 3 के लिए कॉड लिवर आयल- ओमेगा-3 फैट्स में 2 एसिड्स पाए जाते हैं, एक तो डी.एच.ए (docosahexaenoic acid) और दूसरा ई.पी.ए  (eicosapentaenoic acid). यह दोनों ही स्वास्थ के लिहाज से काफी अच्छे भी होते हैं। यह दोनों एसिड शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरुरी भी हैं। यदि शरीर में, डी.एच.ए और ई.पी.ए का स्तर कम हो जाए तो, इससे डिप्रेशन और कई अन्य मेन्टल प्रॉब्लम हो सकती हैं। दिमाग के सही विकास के लिए डी.एच.ए बहुत जरुरी है और ई.पी.ए, हेल्थी बिहेवियर और मूड के लिए बहुत जरुरी है। यह दोनों, केवल आपके बेबी के लिए ही नहीं, बल्कि डिलीवरी के बाद होने वाले डिप्रेशन से लड़ने में आपके लिए भी मददगार है। कॉड लिवर आयल में, प्राकृतिक रूप से विटामिन A और D3 पाया जाता है, जो आपके बेबी के सही विकास के लिए बहुत जरुरी पोषक तत्व है।

मैग्नीशियम

विटामिन डी 3 और कैल्शियम के साथ-साथ, मैग्नीशियम भी बहुत जरुरी पोषक तत्व है। यह आपके शरीर के लिए और आपके बेबी की हड्डियों और टिश्यू के सही विकास के लिए बहुत जरुरी है। कैल्शियम के साथ, मैग्नीशियम भी पैरों में मरोड़ और आरामदायक नींद के लिए बहुत जरुरी है। अच्छीं नींद, प्रेगनेंसी और ब्रैस्टफीडिंग दोनों के लिए बहुत फायदेमंद है।   

प्रोबायोटिक

प्रोबायोटिक सप्लीमेंट, आपके गुड गट बैक्टीरिया (डाईजेसन के लिए फायदेमंद बैक्टीरिया) को ऑप्टीमल लेवल (जरुरी स्तर) पर रखने में सहायक है। यह शरीर में, बिमारी को पनपने नहीं देता। यह यीस्ट इन्फेक्शन को होने से रोकता है और हमारे डायजेस्टिव प्रोसेस को महबूत करता है। क्या आपको पता है कि जब बेबी पैदा होता है तो उसका पेट खाली होता है और 3 साल के होने के बाद, उसके पेट में गट फ़्लोरा  (गुड बैक्टीरिया) पनपने शुरू होते हैं। वहीं बेबी को सबसे पहले गुड बैक्टीरिया उसके जन्म के साथ ही मिल जाता है, क्योंकि  माँ की वजाइना में भी, गुड बैक्टीरिया होते हैं। बेबी को यह गुड बैक्टीरिया, ब्रैस्ट मिल्क से भी मिलते हैं। यह बैक्टीरिया बेबी के डायजेस्टिव सिस्टम को मजबूत बनाते हैं।  

नोट- प्रेगनेंसी में, बिना डॉक्टर की सलाह लिए, कोई भी सप्लीमेंट्स खुद से शुरू न करें। डॉक्टर से बात करके ही कोई भी सप्लीमेंट लें और किस सप्लीमेंट को कितने दिनों तक लेना है, यह भी डॉक्टर से सलाह लेकर ही खाए।

 

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