प्रेगनेंसी में कैसे निपटे खुजली की समस्या से?

प्रेगनेंसी के दौरान, त्वचा में खिंचाव और शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण आपके पेट और ब्रेस्ट में खुजली होने लगती है। बहुत अधिक खुजली होने से, आपको एक्जिमा की समस्या भी हो सकती है, और यदि आपको पहले से ही एक्जिमा है तो स्थिति और बदत्तर हो सकती है। हालाँकि, प्रेग्नेंसी के कारण, एक्जिमा का पता नहीं चल पाता और खुजली त्वचा के अंदर तक फ़ैल जाती है।   

नीचे आपको कुछ उपायों के बारे में बताया जा रहा है जिनके जरिए, आप खुजली से राहत पा सकती हैं, जैसे-

  • हमेशा कोशिश करें कि हल्के गर्म पानी से स्नान करें, क्योंकि अधिक गर्म पानी में नहाने से आपकी त्वचा ड्राई हो सकती है। इसके अलावा हार्ड डिटर्जेंट और डिओड्रेंट से खुद को दूर रखें।  
  • अपनी त्वचा को साफ करने के लिए, एक संतुलित पीएच या हल्के मॉइस्चराइजर का उपयोग करें ।
  • खुजली होने वाली जगहों के आस-पास, बिना सुगंध वाली हल्की मॉइस्चराइजर लगाकर रखें।
  • यदि आपको एक्जिमा है, तो त्वचा विशेषज्ञ द्वारा निर्धारित उत्पादों का ही उपयोग करें ।
  • कैलामाइन लोशन के जरिए आप अपने खुजली से राहत पा सकती हैं। ऐसा माना जाता है कि नहाने के पानी में थोड़ा सा, ओटमील (जई का आटा) डाल कर नहाने से, खुजली की समस्या से राहत मिलती है। हालाँकि, इसका कोई पुख्ता सुबूत नहीं है।
  • गर्मी, खुजली और चकत्ते को और भी बदतर बना सकता है, ऐसे में धुप में जाने से बचें, और हो सके तो आरामदायक और ढीले कपड़े पहने, जिससे कि आपको साँस लेने में कठिनाई न हो।

हालाँकि, खुजली की समस्या पॉलीमॉर्फिक इरप्शन ऑफ प्रेग्नेंसी (पीईपी) के कारण हो सकती है, लेकिन लोगों को इसका मुख्य कारण पता नहीं होता है कि आखिरकार इसकी वजह क्या है। आमतौर पर, इस तरह की समस्या, तीसरी तिमाही के अंत में, चकत्ते के साथ खुजली के रूप में शुरू होती है। इस प्रकार की खुजली पेट से शुरू होकर जांघों तक फैलती है। इससे त्वचा पर दाने के साथ-साथ, गांठ या सूजन की समस्या भी उत्पन्न होती है। सामान्यतः इस प्रकार की समस्या, बेबी के जन्म के बाद, खुद ब खुद खत्म हो जाती है।

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