प्रेगनेंसी के समय ये चीज़ें हो सकती हैं नुकसानदायक

प्रेगनेंसी के समय आपके मन में एक साथ हजारों सवाल खड़े होते हैं, जिन्हें जानने की इच्छा आपको हमेशा रहती है। भले ही आपके सवालों के जवाब देने के लिए आपके पास बहुत से लोग हों, लेकिन आपके लिए सबसे नेक राय यही होगी कि हमेशा अपने डॉक्टर के सम्पर्क में रहें। प्रेगनेंसी के नौ महीने, किसी भी महिला के लिए बहुत जटिल होते हैं। साथ ही  अलग-अलग महिलाओं पर एक जैसे नियम भी लागू नहीं होते। ऐसे में, किसी अन्य के अनुभव आपके लिए भी सही हों यह जरूरी नहीं है। बेहतर होता है कि आप अपनी हर एक परेशानी को अपने डॉक्टर के साथ डिस्कस करें।

प्रेगनेंसी में होने वाली कुछ ऐसी समस्याएं, जो बेहद आम होती हैं, लेकिन उनके कारणों की जानकारी न होने से अक्सर महिलाएं पेनिक हो जाती हैं। इस तरह की स्थिति होने पर घबराने के बजाय अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें-  

  • ब्लीडिंग / स्पोटिंग- अत्यधिक मात्रा में ब्लीडिंग होना, गर्भपात, प्लसेंटल ऐबरप्शन या प्लेसेंटा प्रिविआ में से किसी का भी संकेत हो सकता है।  
  • पेट में दर्द- पेट में गंभीर रूप से लगातार दर्द या रक्तस्राव जैसे लक्षण, गर्भपात, अस्थानिक गर्भावस्था या सिस्ट के संकेत हो सकते हैं, ऐसे में इस तरह के लक्षण नज़र आते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • हांथों और चेहरों में सूजन- चेहरे या हाथों में अत्यधिक सूजन प्रीक्लेम्पसिया का संकेत हो सकता है।
  • दर्द के साथ यूरिन पास होना- जब भी आपको लगातार दर्द के साथ यूरिन पास हो रहा हो, तब यह यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का कारण हो सकता है, जो अपरिपक्व प्रसव और जन्म के समय बच्चे का कम वजन जैसी समस्या को पैदा कर सकता है।
  • तेज़ी से वजन का बढ़ना- अचानक से वजन का बढ़ना, यह मुख्य रूप प्रीक्लेम्पसिया का संकेत हो सकता है।
  • खुजली-  गंभीर रूप से पुरे शरीर में खुजली का  होना, गर्भावस्था का कोलेस्टसिस (पित्तस्थिरता) कहा जाता है। जो अपरिपक्व प्रसव और जन्म के समय बच्चे के मौत का कारण बन सकता है।
  • गंभीर सरदर्द- लगातार और गंभीर रूप से सरदर्द होना प्रीक्लेम्पसिया का संकेत हो सकता है, जो गर्भ में पल रहे शिशु और आपके लिए खतरनाक हो सकता है।
  • लगातार पीठ दर्द- गंभीर रूप से पीठ में दर्द का होना, किडनी या ब्लैडर इंफेक्शन, सिस्ट, गर्भपात या अपरिपक्व प्रसव का संकेत हो सकता है।
  • धली दृस्टि- लगातार रूप से सूजन के साथ धुंधली दृष्टि का होना, पेट दर्द,  सिर दर्द या वजन का तेज़ी से बढ़ना ये सारे लक्षण प्रीक्लेम्पसिया या जेस्टेशनल डायबिटीज के संकेत हो सकते हैं।
  • बुखार के साथ उल्टी- यदि आपको 36 घंटे से ज्यादा बुखार हो रहा हो, तो ऐसे में जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।
  • बच्चे के मूवमेंट में कमी- यदि बच्चे के लात मारने में किसी भी प्रकार का परिवर्तन या बच्चे के मूवमेंट में कमी हो रही हो तब ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • योनि से तरल का निकलना- यदि आपके योनि से अधिक मात्रा में पानी जैसा तरल पदार्थ निकल रहा हो, इसका मतलब है कि आपका प्रसव नजदीक आ गया है। ऐसे में आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है।

 

 

 

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