प्रेगनेंसी के दौरान कभी नहीं होगी पेट में खुजली, बस करें यह आसान काम

गर्भावस्था में खुजली की समस्या बेहद आम बात है, जिससे कि हर महिलाओं को गुजरना पड़ता है। जिससे कि महिलाओं को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसी-किसी महिला में इसकी समस्या बहुत देखने को मिलती है। हालाँकि, इसके बारे में विस्तृत जानकारी निचे दी जा रही है।

गर्भावस्था में खुजली की समस्या के क्या कारण हैं ?

आमतौर पर, यह समस्या शरीर में एस्‍ट्रोजन हार्मोन की मात्रा में वृद्धि, ब्लड सर्कुलेशन का बढ़ना या फिर पेट की त्वचा में खिंचाव के कारण होती है। लेकिन, जितना जल्दी हो इसका उपचार किया जाना चाहिए, क्योंकि जब खुजली की समस्या बहुत अधिक होने लगती है तब यह होने वाले बच्चे के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

क्या प्रेगनेंसी में खुजली की समस्या सामान्य है ?

हाँ, किसी भी महिला के लिए इस तरह की समस्या बहुत है सामान्य सी बात है। क्योंकि, जब गर्भाशय में शिशु का विकास होता है तब आपके पेट का स्किन भी बढ़ने लगता है, जिससे कि खुजली की समस्या उत्पन्न होने लगती है। कुछ मामलों में, खुजली न केवल आपके पेट में होती है बल्कि यह आपके स्तन, हथेलियों, और तलवों में भी शुरू हो जाती है। हालाँकि, इस तरह की समस्या हार्मोनल परिवर्तन और त्वचा की स्थिति के कारण होती है।

गर्भवस्था के किस हफ्ते से खुजली की समस्या उत्पन्न होती है ?

ज्यादातर गढ़ती महिलाओं में खुजली की समस्या दूसरे या तीसरे ट्राइमेस्टर यानि कि 15 से 25वे हफ्ते के बीच शुरू होती है। लेकिन, कुछ महिलाओं में यह समस्या शुरुआत के पहले तिमाही से भी हो सकती है। इसके अलावा, जो महिलाएं जुड़वां बच्चे की माँ बनने वाली हों उनकी त्वचा सामान्य की तुलना में अधिक खिंचता है जिसके कारण उनमें अधिक खुजली की समस्या पाई जाती है।

खुजली होने पर कब डॉक्टर से संपर्क किया जाना चाहिए ?

जब किसी गर्भवती महिला में इसकी समस्या इस तरह से बढ़ने लगे, जैसे कि-

  • पेट के साथ-साथ शरीर के बाकी हिस्सों में भी खुजली का होना।

  • खुजली के दौरान पूरे बॉडी में लाल रेशेस की समस्या होने पर।

  • खुजली के कारण उल्टी, मतली, थकान और भूख न लगने जैसी समस्या उत्पन्न होने पर आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

खुजली के लिए घरेलू उपचार क्या हैं ?

गर्भावस्था के दौरान, खुजली की समस्या से निपटने के लिए आप निम्न घरेलू तरीके को अपना सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-

मॉश्चाराइजर का प्रयोग

प्रेगनेंसी के शुरुआत से ही आपको अपने पेट या शरीर के अन्य हिस्सों पर मॉश्चाराइजर का प्रयोग करना चाहिए। इसके अलावा, आप चाहें तो खुजली वाले जगह पर विटामिन ई युक्त क्रीम भी लगा सकती हैं, क्योंकि इससे भी त्वचा में नमी बनी रहती है। इसके अलावा, खुजली वाले जगह को ज्यादा तेजी से ना खुजलायें, बल्कि हल्के हाथों से सहला दें।  

नारियल तेल

नारियल तेल न केवल आपके बालों के लिए फायदेमंद माना जाता है, बल्कि यह गर्भावस्था में होने वाली खुजली से भी राहत प्रदान करता है। ऐसे में, आप रात में सोने से पहले अपने पेट पर नारियल का तेल लगाएं। अगर आप चाहें तो हल्का गुनगुना भी कर सकती हैं।

ओटमील

ओटमील पेट में होने वाले खुजली का सबसे बेहतर इलाज है। इसके लिए, आप ओटमील को हल्के गर्म पानी डालकर अच्छे से मिक्स कर लें अब इसे अपने पूरे बॉडी में अच्छे से लगाकर नहा लें। यह न सिर्फ त्वचा से खुजली में राहत प्रदान करता है बल्कि यह त्वचा में लालिमा को भी कम करता है।

दही और शहद

दही और शहद को अच्छे से मिक्स कर के उसे अपने खुजली वाले हिस्से में लगाएं। क्योंकि, यह आपके त्वचा को न सिर्फ मुलायम बनाता है बल्कि खुजली के कारण होने वाले खिंचाव को भी कम करता है।

ठंडे पानी का सेंक दें

यदि आप खुजली से बहुत ज्यादा परेशान हैं तो इसके लिए आप किसी साफ सूती के कपड़े को ठंडे पानी में डुबो लें और उससे आप अपने पेट को सेंक दें। इससे आपको काफी आराम मिलेगा।

आरामदायक कपड़े पहनें

इस समय भूलकर भी तंग कपड़ें न पहनें क्योंकि यह आपकी मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। इसके लिए, आप सूती के और ढ़ीले-ढाले कपड़े पहनें।

इसके अलावा, खुजली की समस्या को कम करने के लिए आप कोशिश करें कि धुप में न जाएं।

आपकी बिंदु- एक दैनिक कॉलम है, जहाँ आपको हर मर्ज़ की दवा मिल सकती है। इसके लिए आप घरेलू नुस्खे, हेल्दी फ़ूड से लेकर तमाम सभी चीज़ों की जानकारियों और अपने सवाल इस ईमेल aapkihindieditor@zenparent.in पर भेज सकते हैं।

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