प्रेगनेंसी- कहीं आपके यूरिन में प्रोटीन तो नहीं?

प्रेगनेंसी के दौरान, यूरिन में प्रोटीन की थोड़ी-बहुत मात्रा होना सामान्य माना जाता है, लेकिन जब इसकी मात्रा में वृद्धि होने लगे तो समझ लीजिए कि किडनियों में समस्या हो सकती है। क्योंकि ऐसा तभी होता है, जब आपकी किडनियां अपना कार्य ठीक ढंग से नहीं कर पाती। साथ ही यूरिन में प्रोटीन की मात्रा अधिक होने से, किडनी रोग या संक्रमण होने का खतरा भी अधिक रहता है। इस तरह के खतरों से बचने के लिए प्रेग्नेंट वुमन की नियमित जांच जरूरी होती है।   

सामान्यतः यूरिन में, प्रोटीन होने का कारण निम्न में से कोई भी हो सकता है-

प्रीक्लेम्पसिया  

प्रीक्लेम्पसिया का सामान्य लक्षण, उच्च रक्तचाप और यूरिन में प्रोटीन की उपस्थिति माना जाता है। यह आप और आपके बच्चे के लिए जटिलताएं पैदा कर सकता है। यदि आपको इनमें से किसी भी प्रकार के लक्षण (सिर दर्द, हाथों, पैरों और चेहरे में सूजन, या मतली आदि) मौजूद हों, तो ऐसे में तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि, सही समय पर किया गया उपचार आप और आपके बच्चे के लिए सही होगा।

मूत्र मार्ग में संक्रमण (यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन)

सामान्य से अधिक बार यूरिन पास होना, और यूरिन पास करते समय परेशानी उत्पन्न होना, मूत्र मार्ग में संक्रमण का एक संकेत हो सकता है। यदि इसका सही समय पर इलाज नहीं किया गया तो, यह किडनी संक्रमण को बढ़ावा दे सकता है। इसके अलावा यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के कारण, समय से पहले प्रसव और जन्म के समय शिशु का कम वजन जैसी समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

अन्य समस्याएं

मानसिक तनाव, उच्च तापमान, बुखार, डिहाइड्रेशन, कुछ दवाएं, और घातक एक्सरसाइज भी यूरिन में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ावा दे सकता है। इसके अलावा कुछ चिकित्सकीय शर्तें, जैसे- मधुमेह, गठिया, ल्यूकेमिया, आदि भी यूरिन में प्रोटीन का कारण बन सकता है।

यदि आपके हाथों, पैरों या चेहरों में सूजन, झागदार यूरिन, लगातार सिर दर्द, धुंधली दृष्टि और हार्ट बर्न जैसी समस्या के संकेत मिले, तो ऐसे में आपके यूरिन में प्रोटीन हो सकता है। हालाँकि, आपको प्रेगनेंसी के मिड में एक बार अपने लक्षणों की जाँच जरूर करनी चाहिए। यदि आपमें इस प्रकार के लक्षण मौजूद हो तो, समय रहते डॉक्टर से संपर्क करें।  

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