प्रेगनेंसी का 39 वां हफ्ता

जन्म के समय औसतन बच्चे 20 इंच या 51 से.मी. के आस-पास होते हैं और उनका वजन लगभग 3 किलो होता है। वहीं कुछ केसों में बच्चे इससे कम जैसे 2 किलोग्राम या 2.5 किलोग्राम भी हो सकते हैं। उनकी लंबाई ऊपर दी गई लंबाई से कम या ज्यादा भी हो सकती है।

हालाँकि बच्चे के जन्म के समय तक उसका शरीर पूरी तरह से तैयार हो चुका होता है लेकिन अभी तक उसकी खोपड़ी की हड्डियां एक दूसरे से जुड़ी हुई नहीं होती हैं। इसमें घबराने जैसी कोई बात नहीं होती जन्म के कुछ महीनों के बाद यह हड्डियां खुद-ब-खुद आपस में जुड़ जाती हैं।

प्रसव हमेशा वाटर ब्रेकिंग के साथ शुरू होता है। यह वाटर ब्रेकिंग, तब होता है, जब गर्भ में संकुचन शुरू होता है। यदि आपको इस गर्भ में संकुचन महसूस हो रहा हो तो आपको तुरन्त अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। साथ ही इस स्थिति में आपके लिए शांत रहना भी जरूरी होता है।

भारतीय बाल चिकित्सा एकेडमी (आईएपी) ने टीकाकरण को लेकर एक मुफ्त एसएमएस सेवा उपलब्ध कराया है, जिसके जरिए पेरेंट्स को समय-समय पर इसकी सुचना दी जाएगी। इस सेवा को रजिस्टर करने के लिए, आप एक मैसेज को इस फॉर्मेट 566778 पर भेजें:

इम्म्युनाइज़  *स्पेस* <बच्चे का पुकारू नाम> *स्पेस* <जन्म के बच्चे की तारीख>

बच्चे के जन्म की तारीख एक फॉर्मेट में होनी चाहिए: dd-mm-yyyy

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