मम्मी या हसबैंड? किसे सौपें जिम्मेदारी?

जब आप गर्भवती होती हैं और बेबी का जन्म होने वाला होता है, उस दौरान आप हर काम को करने में सक्षम नहीं होती हैं और किसी न किसी को आपको अपनी जिम्मेदारियों को सौंपना होता है।

आप अपनी जिम्मेदारियां उसे सौपना चाहती हैं जिससे आप कोई बात न छुपाती हों और वो आपके हर काम को अपना मान कर हैंडल कर सके। इस तरह की हेल्प करने के लिए सिर्फ कुछ ही लोग आपकी लाइफ में होते हैं। बेशक आपके दिमाग में सबसे पहला नाम आपके हसबैंड का ही आ रहा होगा जोकि लाज़मी है। इसके अलावा एक और नाम है जो आपको क्लिक कर रहा होगा, वो आपकी मम्मी होगी।

पर अब आप इस उलझन में होंगी ये जिम्मेदारी किसे दें। अगर इस है तो इन पॉइंट्स को ध्यान में रखें और अपना डिसिजन लें;

हसबैंड को जिम्मेदारी देने पर:

अगर आप हसबैंड को जिम्मेदारी सौंपती हैं तो आपको उन्हें हर डिटेल्स को समझाना नहीं पड़ेगा।

आपके वित्तीय ब्यौरे भी अच्छे से जानते होंगे, इसलिए आपको ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। साथ ही, उन्हें आपके काम में हाथ बांटने के लिए कही और से आना नहीं पड़ेगा। पर आपके हसबैंड की लाइफस्टाइल में चेंज आ जायेगा और उनका कम्फर्ट जोन ब्रेक हो जायेगा, क्योंकि उन्हें ऐसे घरेलु काम करने की आदत नहीं होगी।  

मम्मी को जिम्मेदारी देने पर:

अगर आप अपनी मम्मी को जिम्मेदारी सौंपती हैं तो उनका लाइफस्टाइल डिस्टर्ब नहीं होगा और वो सरलता से आपके काम कर देगी लेकिन बाहर के कामों को करने में उन्हें दिक्कत हो सकती है। साथ ही आपको उन्हें सारा ब्यौरा भी देना होगा। इसके अलावा, उन्हें अपना घर छोड़कर आपके साथ रहना होगा। पर वो आपके बेबी को भी आपके साथ सम्हालने में आपकी मदद कर देगी।

जिम्मेदारी आप किसी को भी सौपें, पर इन बातों को ध्यान में रखें :

  • जब भी जिम्मेदारी दें तो मन में बोझ न रखें। उनके द्वारा किये जाने वाले कामों को सराहें और खुश रहें और उन्हें भी खुश रहने दें। ज्यादा मीन-मेख़ न निकालें।
  • जिम्मेदारी सौपनें के बाद ये उम्मीद न करें कि आप जब भी उन्हें बुलाएँ वो आ जाएँ। ऐसा संभव नहीं है। सभी को अपने भी काम होते हैं।
  • अगर कुछ टाइम बाद खुद से काम करने लग जाती हैं तो उनकी मदद के लिए थैंक यू बोले और खुद से काम करने की बात कहें। इससे संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।   

loader