मैटरनिटी लीव के बारे में जानकारी

जरुरी नहीं है कि आपको माँ की जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए, अपने करियर को छोड़ना पड़ेगा। यदि आप प्रेग्नेंट हैं और एक वर्किंग वूमेन भी हैं, तो प्रेगनेंसी के अंतिम दिनों में आपको मैटरनिटी लीव लेनी पड़ती हैं। हर कंपनी में एक ऐसी पॉलिसी होती है, जिसके तहत प्रेग्नेंट लेडीज को मैटरनिटी लीव दी जाती है। इस पॉलिसी के तहत, आपको मातृत्व के साथ ही स्वास्थ्य लाभ भी, प्राप्त होता है।

मैटरनिटी लीव लेने के लिए, जरुरी है कि आप 12 महीनों से उस कंपनी के साथ काम कर रही हो और साथ ही पिछले 80 दिन से आप रोजाना कंपनी में आ रही हो।

इस सुविधा के अनुसार, आप कम से कम 12 सप्ताह की छुट्टी ले सकती हैं और इन 12 सप्ताहों में से अधिकतम 6 सप्ताह, आप बच्चे के जन्म से पहले भी छुट्टी ले सकती हैं। इस प्रकार आपको, बच्चे के जन्म से पहले 6 सप्ताह और बाकि बचे 6 सप्ताह, बच्चें के जन्म के बाद, छुट्टियां मिल जाती हैं।

मैटरनिटी लीव के दौरान, आपकी कोई भी पेमेन्ट नहीं कटती और आपको पूरी सैलरी मिलती है। आपको मैटरनिटी लीव के शुरुआत में ही, तीन महीनों के दौरान, औसत वेतन तुरंत मिल जाता है।  

मैटरनिटी लीव के लिए, जरुरी है कि आप अपनी कंपनी को, पहले से ही  लिखित रूप से सूचित कर दें और इस दौरान आपको मिलने वाले फायदे के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर लें।

कानून के मुताबिक, प्रेगनेंसी के अंतिम दिनों (10 सप्ताह पहले) में, आपको बहुत अधिक कठिन कार्य, लंबे समय तक खड़े होकर किया जाने वाला कार्य इत्यादि करने के लिए, कंपनी आप पर कोई दबाव नहीं बना सकती।

बहुत सी कंपनी अपने कर्मचारियों को, हेल्थ इन्शुरन्स बेनिफिट्स (स्वास्थ्य बीमा लाभ ) और अन्य मेडिकल एल्लोवंसेंस (चिकित्सा भत्ते) देती है। आप इस बारे में अपने एचआर से और अधिक जानकारी ले सकती हैं और इन भत्तों और लाभ के अंदर आने वाली शर्तों के बारे में भी पूछ सकती हैं।

प्रेगनेंसी और डिलीवरी के दौरान, बिमारी या जटिलता होने पर आपको, और एक महीने की छुट्टी मिल सकती है और इस दौरान आपको, आपकी पूरी सैलरी भी दी जाती है। केवल आपको बीमारी का, एक चिकित्सा प्रमाण प्रस्तुत करना होता है। ।

हर कंपनी में, मैटरनिटी लीव के लिए, एचआर पॉलिसी अलग-अलग होती है। इसलिए बेहतर है कि आप मैटरनिटी लीव पर जान ऐसे पहले, अपने एच आर से इस बारे में चर्चा कर लें।

 

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