क्या गर्भावस्था के दौरान हिचकी आना आपके बच्चे को प्रभावित करता है ?

हिचकी आना किसी भी व्यक्ति में एक सामान्य प्रक्रिया है, जो कहीं भी और कभी भी उत्पन्न हो सकती है। जिससे कि आपको कभी-कभी बहुत शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। लेकिन, सबसे मजेदार बात तो यह है कि गर्भावस्था में हिचकी न केवल माँ को आती है बल्कि शिशु भी पेट के अंदर हिचकी लेते हैं।

क्यों आती है हिचकी ?

जब शरीर में डायफ्राम सिकुड़ता है तो हमें हिचकी की समस्या होती है। डायफ्राम एक मांसपेशी होती है जो छाती को हमारे पेट से अलग करती है। ये सांस लेने की प्रक्रिया में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

क्या हिचकी बच्चे को प्रभावित करता है ?

नहीं, हिचकी आपके गर्भ में पल रहे शिशु को प्रभावित नहीं करता है। बल्कि जब आपको इस दौरान हिचकी की समस्या होती है तब आप यह महसूस कर सकती हैं कि शिशु आपको और समय के अपेक्षा और अधिक तेज़ी से किक करता है।  

हिचकी आने के कारण

– अधिक मिर्च वाला खाना खाने

– बहुत अधिक पानी का पीना

– बहुत जल्दी और तेज़ी में पीना

– जल्दी-जल्दी खाने के कारण भी हिचकी होती है।

गर्भावस्था के दौरान हिचकी को कैसे रोकें ?

चीनी

चीनी आपके किचन में हमेशा मौजूद रहती है, इसलिए जब भी आपको हिचकी जैसी परेशानी उत्पन्न हो तो तुरंत एक चम्मच चीनी का सेवन करें। इससे थोड़ी ही देर में हिचकी आना बंद हो जायेगा।

ध्यान भटकाना

यह दादी माँ के नुस्खें हैं क्योंकि उनका मानना है कि यदि आपको तुरंत हिचकी बंद करनी हो तो अपना ध्यान उस ओर न देकर कहीं और लगाएं। जैसे कि कोई किताबें पढ़ें, मूवी देखें या फिर किसी से बातें करें।

ठंडा पानी

आप धीरे-धीरे कर के ठंडे पानी का घूँट पिएं। कुछ ही समय में इससे आपको हिचकी आना बंद हो जाएगा।

पीनट बटर

जब हिचकी आए तब आप थोड़े से पीनट बटर को लें और उसे आराम-आराम से खाएं। कुछ ही देर में इससे सांस लेने की प्रक्रिया में बदलाव आएगा और आपकी हिचकी बंद हो जाएगी।

नींबू और शहद

हिचकी को कंट्रोल करने में नींबू और शहद काफी लाभदायक होता है। ऐसे में, यदि आपको हिचकी आ रही हो तब आप नींबू के रस में शहद डाल कर खा लें इससे आपकी हिचकी बंद हो जाएगी।

Feature Image Source: momtricks.com

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