क्या आप भी अनजान हैं एक्टोपिक प्रेगनेंसी के खतरों से !

एक्टोपिक प्रेगनेंसी को अस्थानिक या ट्यूबल प्रेग्नेंसी भी कहा जाता है। यह एक ऐसी प्रेगनेंसी होती है जो गर्भाशय के बाहर विकसित होती है। यानि की यह फैलोपियन ट्यूब में विकसित होना शुरु हो जाती है। जिसके कारण यह माँ और बच्चे दोनों के लिए खतरा उत्पन्न करता है। हालाँकि, गर्भवती महिलाओं में इसके लक्षण इस तरह से दिखाई दे सकते हैं –

लक्षण

  • पेट में तेज दर्द

  • ब्लीडिंग की समस्या

  • बेहोशी या चक्कर आना

  • पेशाब या मलत्याग करते समय दर्द होना

ऐसे में यदि किसी गर्भवती महिला में इस तरह के लक्षण नज़र आ रहे हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि, इस अवस्था में डॉक्टर आपको गर्भपात कराने की सलाह देते हैं।  

अब आप यह सोच रही होंगी कि आख़िरकार इस तरह की समस्या उत्पन्न क्यों होती है।

एक्टोपिक प्रेगनेंसी के कारण

आमतौर पर फर्टिलाइज्ड एग को गर्भाशय तक पहुँचने में चार से पांच दिन का समय लगता है। ऐसे में, यह गर्भाशय में प्रत्यारोपित होने लगता है और वहीं विकसित होना शुरु हो जाता है। एक्टोपिकप प्रेगनेंसी फैलोपियन ट्यूब में क्षति की वजह से हो सकती है। इसकी वजह से नलिका काफी संकरी हो सकती है और डिंब के लिए गभार्शय तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।

हालांकि, अस्थानिक गर्भावस्था का खतरा उन महिलाओं को अधिक होता है, जिनमें-

  • पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज के कारण

  • ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) के कारण

  • ट्यूबल एंडोमेट्रिओसिस के कारण

  • पहले से ही आॅपरेशन या सीजेरियन सेक्शन हुआ हो

  • गर्भनिरोधक का प्रयोग करने पर

  • पहले से एक्टोपिक गर्भावस्था का इतिहास रहा हो

  • यदि आप धूम्रपान करती हों

  • यदि आपकी उम्र 40 साल या इससे अधिक हो।

ऐसे में, एक बार अस्थानिक गर्भावस्था होने के बाद जब भी आप दूसरी बार गर्भधारण की योजना बनाएं तो इसके लिए बेहतर होगा कि आप गर्भधारण से पहले ही अपने डॉक्टर से बात कर लें ताकि आगे कोई परेशानी न हो।

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