जुड़वां बच्चों के लिए मानसिक रूप से भी रहें तैयार

प्रेगनेंसी के दौरान, जैसे ही आपको यह पता चलता है कि आप जुड़वां बच्चों की माँ बनने वाली हैं, तो कहीं न कहीं आप चिंतित हो जाती हैं, कि मैं जुड़वा बच्चों को गर्भावस्था के समय कैसे संभाल पाऊँगी। हालाँकि, आप एक अच्छी योजना और प्रभावी बजट के द्वारा इसे आराम से हैंडल कर सकती हैं। वहीं कुछ ऐसी समस्याएं भी होती हैं, जिनके जुड़वाँ प्रेगनेंसी में होने की आशंकाएं ज्यादा होती हैं।

समस्याएं जैसे-

  • अपरिपक्व बच्चे- ट्विन्स प्रेगनेंसी का सबसे बड़ा खतरा यह होता है कि, इस दौरान बच्चे का जन्म समय से पहले हो सकता है, जैसे- 35 से 37 हफ्ते के बीच में या उससे पहले।
  • स्वास्थ्य समस्याएं-  समय से पहले जन्में बच्चों में, स्वास्थ्य से संबंधित जटिलताओं का खतरा बना रहता है।
  • माँ को खतरा– जुड़वाँ गर्भावस्था के समय माँ को भी सामान्य रूप से खतरा बना रहता है, जैसे- प्रीक्लैंप्सिया, जेस्टेशनल डायबिटीज, प्लसेंटल और भ्रूण के विकास से संबंधित समस्या।

इन सभी परेशानियों से बचने के लिए यह जरूरी है कि आप एक हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें। पोषक आहार, पर्याप्त आराम और नियमित जाँच के जरिए आप खुद को और अपने बच्चों की देख-रख आसानी से कर सकती हैं। आप अपने आहार में कैल्शियम, फोलिक एसिड, आयरन, प्रोटीन, जस्ता, तांबा, विटामिन सी और विटामिन डी का सेवन मुख्य रूप से करें।

पर्याप्त मात्रा में कैलोरी का सेवन, पेट में होने वाले क्रैंप्स से राहत दे सकता है। ध्यान रहे कि एक या दो बार खाने की बजाए दिन में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कई बार खाएं। ऐसे में यह भी हो सकता है कि आपके वजन में वृद्धि हो, हालाँकि, इसकी जाँच आप अपने डॉक्टर से जाँच करवा सकती हैं।

यह बात बिल्कुल सच है कि अब आप ट्विन्स प्रेगनेंसी के लिए पूर्ण रूप से तैयार हैं, लेकिन कहीं न कहीं आपके मन में एक डर जरूर बैठा रहता है। इस डर को निकालने के लिए, नियमित जांचों के साथ-साथ भावनात्मक सहारा भी लें।

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