जुड़वाँ बच्चों की माँ बनने पर सामने आने वाली चुनौतियां

अरे वाह! आप जुड़वा बच्चों की माँ बनने वाली हैं? यह शब्द सुनने में जितना अच्छा लगता है उतना ही अंदर से डर भी उतना ही लगता है। साथ ही मल्टीपल प्रेगनेंसी में, महिला की परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। जहाँ एक और जुड़वाँ प्रेगनेंसी में, महिला मानसिक तौर पर परेशान रहती है, वहीं दूसरी और सिंगल प्रेगनेंसी की अपेक्षा इसमें कुछ समस्याएँ उतपन्न होने की सम्भावनाएं भी ज्यादा होती हैं।

मल्टीपल प्रेगनेंसी में होने वाली परेशानियां क्या हैं?

  • एक बच्चे की तुलना में, आप जुड़वा बच्चों के साथ अधिक थका हुआ महसूस कर सकती हैं।  
  • एक बच्चे की तुलना में, आपका जुड़वा बच्चों में अधिक वजन बढ़ सकता है।
  • यदि आप जुड़वाँ बच्चे की माँ बनने वाली हैं, तो ऐसे में बच्चे के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए और अधिक स्कैन की जरूरत पड़ सकती है।
  • इसके अलावा, गर्भ में जुड़वाँ बच्चे के होने से, साँस की कमी, कब्ज, हर्टबर्न और सूजन की समस्या आपमें बढ़ सकती है।

हालाँकि, जुड़वाँ बच्चे का प्रसव अधिकतर सीजेरियन होता है, कुछ मामलो में ही बच्चे की डिलीवरी नॉर्मल होती है। इसके अलावा मल्टीपल प्रेगनेंसी में, प्रीप्रीमैच्योर बर्थ यानि कि शिशु का जन्म गर्भावस्था के 37 हफ्ते पूरे करने से पहले होना बहुत ही आम बात है। लेकिन, कुछ मामलों में महिलाएं मल्टीपल प्रेगनेंसी के दौरान भी बच्चे को नॉर्मल (योनि द्वारा) पैदा करती हैं।   

मल्टीपल प्रेगनेंसी के दौरान, इन लक्षणों पर नज़र बनाए रखें, यदि-

  • गंभीर सिर दर्द
  • धुंधली दृष्टि
  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द
  • उल्टी की समस्या
  • अचानक सूजन होना

मल्टीपल प्रेगनेंसी के दौरान, इस तरह के लक्षण प्रीक्लेम्पसिया का एक कारण हो सकता है, जो कि प्रेगनेंसी के समय महिलाओं में बहुत ही आम बात है। साथ ही इस तरह के लक्षण प्रसव के संकेत भी हो सकते हैं, ऐसे में इस तरह के लक्षण नज़र आते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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