जल्दी डिलीवरी होने के लक्षण और उसके उपाय

किसी भी गर्भवती महिला के लिए सबसे कष्टदायी पल प्रसव के समय का होता है। क्योंकि, इस दौरान उन्हें काफी कुछ सहन करना पड़ता है। हालाँकि, कुछ महिलाओं को प्रसव के लक्षण का सही समय पता नहीं चल पाता है, खासकर जो पहली बार माँ बन रही होती हैं। क्योंकि, वह प्रसव पीड़ा के सही समय और लक्षण का पता नहीं लगा पाती हैं। 

आमतौर पर, जब महिलाएं अपने प्रसव के काफी करीब होती हैं फिर भी उन्हें समझने में काफी परेशानी होती है कि उनका प्रसव-पीड़ा शुरू होने वाला है। कभी-कभी यह लेबर पेन फॉल्स भी होता है जिसे गर्भवती महिला सच समझ लेती हैं। लेकिन, यहाँ आपको कुछ ऐसे संकेत बताने जा रही हूँ जिसके मदद से आप तुरंत यह अंदाज़ा लगा सकती हैं कि आपको लेबर पेन शुरू होने वाले हैं-

दर्द महसूस होना 

अगर आपको लगातार दबाव महसूस हो रहा है खासकर, पीरियड्स आने पहले उठने वाले ऐंठन के साथ लगातार पीठ के निचले हिस्से में या पेट में दर्द हो तो समझ जाइए कि ये प्रसव पीड़ा के संकेत है। हो सकता है कि आपको हर थोड़ी देर पर ऐसा महसूस हो या ये भी हो सकता है कि दर्द लगातार बना रहे।  

पानी की थैली टूटना

जब आपको निचे के रास्ते से पानी निकलने लगे तब यह प्रसव के संकेत हो सकते हैं। क्योंकि, यह एमनियोटिक द्रव्य के तेजी से बहने या रिसाव के कारण होता है, जिसका साफ संकेत होता है कि अब आपको बहुत जल्द प्रसव होने वाला है। हालाँकि, ऐसा माना जाता है कि पानी आने के 12 घंटे के भीतर औरतों को प्रसव पीड़ा शुरू हो जाती है।

म्यूकस का निकलना 

भूरे या खून जैसे दिखने वाले पदार्थ को श्लेम यानि की म्यूकस कहते हैं। क्योंकि, यह गर्भावस्था के आखिरी दौर में हो सकता है कि पतला स्राव हो, जिसमें खून भी हो सकता है। दरअसल इस दौरान गर्भाशय से डिचार्ज आता है। क्योंकि इस दौरान गर्भाशय खुलता है। इसका मतलब ये हो सकता है कि प्रसव पीड़ा एक घंटे में शुरू हो सकती है या फिर एक सप्ताह भी लग सकता है।

डारिया के लक्षण

हो सकता है प्रसव पीड़ा के शुरुआती दौर में आपको डायरिया की शिकायत हो जाए। इस दौरान आपकी बॉॅडी कई तरह के हार्मोन रिलीज करती है। इस वजह से बार-बार टॉयलट भी जाना पड़ सकता है।

पीठ में दर्द

बहुत सारी औरतों को ये समस्या होती है। ऐसा भी हो सकता है कि आपको लंबे समय तक बैंक पेन हो लेकिन जब दर्द ज्यादा हो तो समझ लें कि ये प्रसव पीड़ा का संकेत भी हो सकता है।

शिशु की हलचल कम होना 

जब शिशु बाहर आने के लिए तैयार होता है तब उसकी हलचल कम होने लगती है। ऐसे में, आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत होती है। 

प्रसव पीड़ा से राहत पाने के उपाय क्या हैं ?

मसाज के जरिए

लेबर पेन से राहत पाने के लिए आप मसाज को अपना सकती हैं, क्योंकि यह दर्द से छुटकारा पाने का बहुत अच्छा तरीका है। इससे आपको दर्द से बहुत आराम मिलेगा। इसके लिए आप अपने पेट पर आराम से हाथ की मालिस करें या घर के किसी सदस्यों को कहें। इस मसाज के द्वारा पेट या उसके आस-पास होने वाला दर्द कम हो जाता है।

टहलें

टहलने से भी आपको प्रसव पीड़ा से राहत मिलेगी, क्योंकि यह स्थिति बहुत सही होती है तथा इसके कारण आपके बच्चे को गर्भाशय की ग्रीवा की ओर आने में सहायता मिलती है।

गर्म पानी से नहाएं

जिन महिलाओं को लेबर पेन रूक-रूक कर हो रहा हो उन्हें गरम पानी से नहाना चाहिए। क्योंकि, इससे प्रसव पीड़ा शुरू होने में मदद मिलती है। साथ ही आपको दर्द से आराम मिलेगा। हालाँकि, गर्म पानी में नहाने से पहले ध्यान रखें कि पानी अधिक गर्म न हो। क्योंकि, इससे शिशु को तकलीफ हो सकती है।

एनर्जी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें

कुछ महिलाओं को प्रसव के दौरान बहुत अधिक भूख और प्यास लगती है। खासकर उन महिलाओं का जिनका लेबर पेन बहुत देर तक रहता है। इसलिए इस दौरान ऐसे खाद्य-पदार्थों का सेवन करें जिससे कि आपको बहुत अधिक ऊर्जा और एनर्जी मिल सके।

तरल पदार्थों का सेवन

यह सच है कि जब आपको बहुत अधिक लेबर पेन होता है तब आपका मुंह और गला सूखने लगता है जिससे कि आपको प्यास का अनुभव होता है। ऐसे में आप पानी या अन्य तरल पदार्थों का सेवन कर सकती हैं।

पोजीशन में बदलाव करें

जब भी आपको दर्द हो रहा हो तब आप एक ही अवस्था में लेटी न रहें, इससे आपको और भी अधिक दर्द का अनुभव हो सकता है। इसके लिए बेहतर है कि आप अपने पोजीशन में बदलाव करें। इससे आपको काफी आराम मिलेगा।

इन सब बातों को ध्यान में रख कर आप पाने प्रसव पीड़ा को बहुत हद तक कम कर सकती हैं, क्योंकि इस समय आप जितना हिम्मत और शांति से काम लेंगी उतना ही यह आपके लिए अच्छा होगा। 

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