इन 6 तरीकों से घर बैठे पता करें गर्भ में पल रहे बेबी का पोजीशन

यह बिल्कुल सच है कि आपका शिशु गर्भ में चुपचाप नहीं रहता है, बल्कि वह कुछ न कुछ हलचल जरूर करता है जैसे कि किक मारना, घूमना या फिर पोजीशन में बदलाव। ऐसा इसलिए, क्योंकि बच्चे गर्भ में एक जगह स्थिर नहीं रहते हैं वह घूमने के लिए जगह तलासते रहते हैं।

शिशु की हलचल कब शुरू होती है ?

गर्भावस्था के 16 से 20 सप्ताह में शायद आपको गर्भ के भीतर शिशु की थोड़ी बहुत हलचल सी महसूस होनी शुरु होगी। हालाँकि, जो पहली बार माँ बन रही होती हैं उन्हें समझने में थोड़ा समय जरूर लगता है कि इस समय हल्की फरफराहट शिशु की हलचल है या और कुछ।  

आमतौर पर, इस मामले में ज्यादातर डॉक्टर या एक्सपर्ट दाई आपके पेट को देखकर यह बता देती हैं कि आपके गर्भ में शिशु का पोजीशन क्या है। हालाँकि, इसमें कोई रॉकेट साइंस नहीं है कि इन चीज़ों का पता सिर्फ यही लोग लगा सकते हैं, बल्कि आप अपने शिशु के पोजीशन का पता लगा सकती हैं।

इसके लिए आप अपने मूत्राशय (ब्लैडर) को खाली कर के सीधे लेट जाएं। अब आप अपने बच्चे के किक को सावधानी से समझें और पेट के उस क्षेत्र का पता लगाने का प्रयास करें जहां आप ज्यादातर किक महसूस करते हैं। इसके अलावा भी कई ऐसे ट्रिक हैं जिसको ध्यान में रख कर आप यह महसूस कर सकती हैं कि आपके बच्चे का पोजीशन क्या है-

  • यदि आपके बच्चे का सिर नीचे की ओर है और उनका पीठ आपके पेट के सामने है, तो आप अपनी पसलियों के नीचे किक महसूस कर सकती हैं। इतना ही नहीं इस दौरान आप अपने पेट और नाभि में खिंचाव महसूस कर सकते हैं।

  • यदि आप अपने बंप पर किक महसूस करती हैं, तब आप देखेंगी कि आपके बीच का पेट थोड़ा सा फ्लैट दिखाई देता है। इसका साफ मतलब है कि इस समय आपके बच्चे का पोजीशन सामने की ओर है। इसमें आपका पीठ और शिशु का पीठ एक दूसरे के विपरीत होता है। इसे पीछे की स्थिति कहा जाता है।

  • अपने पेट के ऊपरी भाग को हल्के तौर पर पुश करें, ऐसे में यदि आपका बच्चा निचे की दिशा में है तब आपको मुलायम और असमान आकार का लग सकता है। इसके अलावा, आप यह भी महसूस कर सकती हैं कि जब आप हल्के तौर पर दबाव डालती हैं तब बच्चा आसानी से नहीं चल पाता है।

  • शायद आपको नहीं पता होगा कि शिशु पेट में भी हिचकी लेते हैं, क्योंकि नौ सप्ताह के आसपास वह हिचकी लेना शुरु कर सकता है और अपनी बाजू या टांग हिला सकता है। इसलिए शिशु का किक मारना और हिचकी लेना भी उसके पोजीशन को बताता है। यदि आप अपने शिशु की हिचकी को पेट के ऊपरी हिस्से में महसूस करती हैं तब यह हेड-अप पोजीशन कहलाता है। इसके अलावा, यदि आप अपने शिशु के किक को पेट के निचले हिस्से में महसूस करते हैं तब इसका मतलब है कि शिशु का सिर निचे की ओर है।

  • यदि आपको अपने पेट के ऊपरी क्षेत्र या रिब के पास दर्द महसूस हो तो इसका साफ संकेत है कि शिशु का सिर आपके रिब के आस-पास है। इसे ब्रीच पोजीशन कहते हैं।

  • यदि आपको अपने पेट या उसके आस-पास किसी प्रकार का गांठ या कठोर गोले की तरह महसूस हो तब यह आपके शिशु का सिर हो सकता है। जो पसलियों के ऊपर की तरफ है जबकि पैर नीचे की दिशा में है।

सामान्यतः सात से आठ हफ्ते के बीच तक आपका शिशु सामान्य गतिविधियां शुरु कर देता है, जैसे कि एक तरफ मुड़ना और चौंकना। जबकि, धीरे-धीरे शिशु की हलचल इतनी मजबूत होती जाती हैं कि आप उन्हें महसूस कर सकती हैं।

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