इन 5 तरीकों से डिलीवरी के बाद हफ्ते भर में बढ़ाएं ब्रैस्टमिल्क

प्रसव के बाद कुछ महिलाओं में आसानी से दूध बनने लगता है, जबकि कुछ महिलाओं में अच्छे से दूध बनने में महीने भर लग जाते हैं। ऐसे में, अगर देखा जाए तो यह नवजात शिशु के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। क्योंकि, शुरुआत के छह महीने शिशु पूर्ण रूप से माँ के दूध पर भी निर्भर होते हैं। इसलिए, प्रसव के बाद बाद महिलाएं अपने ब्रैस्टमिल्क को बढ़ाने के इन तरीकों को जरूर फॉलो करें।  

माँ का दूध नवजात के लिए कितना फायदेमंद है ?

यह सभी लोगों को पता है कि मां का दूध नवजात के लिए किसी अमृत से कम नहीं है क्योंकि, इसमें वसा, पानी और प्रोटीन की उच्च मात्रा मौजूद होती है जो न केवल शिशु के पेट भरने के काम आता है। बल्कि, यह शिशु के इम्युनिटी को मजबूत बना कर हर तरह के बिमारियों से बचाने का काम करता है।  इसके अलावा, इसमें मौजूद पोषक तत्व बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में भी सहायक माना जाता है।

दाल

प्रसव के बाद महिलाओं में तेज़ी से दूध बढ़ाने के लिए दाल बहुत फायदेमंद माना जाता है। खासकर, मसूर दाल क्योंकि, यह न केवल स्तनदूध की आपूर्ति बढ़ाने में सहायक मानी जाती हैं, बल्कि यह इसमें प्रोटीन की प्रचूर मात्रा मौजूद होती है। इसके अलावा, मसूर दाल में आयरन और फाइबर भी उच्च मात्रा में होता है, इसलिए डिलीवरी के बाद महिलाओं को अपने आहार में रोजाना दो टाइम दाल को शामिल करना चाहिए।

पालक

पालक भी तेज़ी से ब्रैस्टमिल्क को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। क्योंकि, इसमें पाया जाने वाला विटामिन ए, आपके बच्चे के स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करता है। साथ ही पालक में  एंटीऑक्सीडेंट की प्रचूर मात्रा होती है जो आपके बच्चे की इम्युनिटी सिस्टम को बढ़ाने का काम बखूबी करती है। इसके अलावा, महिलाएं इस बात का भी जरूर ध्यान रखें कि प्रसव के बाद पालक के सेवन से खून की कमी नहीं होती है।

ड्राई फ्रूट

ब्रैस्टमिल्क बढ़ाने के लिए आप अपने सुबह के नाश्ते में या फिर आप इसे दिन के किसी भी समय इसका सेवन कर सकती हैं। जैसे कि- बादाम, काजू व पिस्ता आपके दूध को बढ़ाने में अहम माना जाता है। क्योंकि, इसमें  प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा मौजूद होती है जो कि मां के समग्र स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके नवजात बच्चे के लिए भी महत्वपूर्ण होते हैं।

दूध

प्रसव के बाद महिलाओं के शरीर में कैल्शियम की काफी कम मात्रा रह जाती है, इसलिए माँ को रोजाना दो टाइम दूध का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में कैल्शियम की आपूर्ति के साथ-साथ स्तनदूध बनने में भी सहायक होगा।

पानी का सेवन

स्तनपान के दौरान महिलाओं को हाइड्रेटेड रहने की बहुत ज्यादा जरूरत होती है, क्योंकि इस समय पानी न केवल आपकी प्यास को बुझाने का काम करती है। बल्कि, कम पानी पीने के कारण इसका असर आपके ब्रैस्टमिल्क पर पड़ता है। ऐसे में, आपको इन दिनों अधिक मात्रा में पानी पीने की जरूरत पड़ती है। हालांकि, महिलाएं इस बात पर भी ध्यान दें कि स्तनपान के दौरान आपके शरीर से ऑक्सीटोसिन हार्मोन निकालता है, जिसके कारण आपको अधिक प्यास लगती है।

इसके अलावा, माँ को स्तनपान कराते समय अपने दोनों स्तन को बराबर बदलती रहें। इससे शरीर में दूध का उत्पादन बढ़ेगा। साथ ही आपके शिशु को भी अच्छा लगेगा।

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Feature Image Source: theasianparent.com

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