हेल्दी प्रेगनेंसी के लिए महिलाएं ट्राइमेस्टर में जरूर फॉलो करें इन डाइट प्लान को

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को हर चीज़ों का ध्यान बखूबी रखना पड़ता है, और इसके लिए सबसे जरूरी है आपके उचित आहार की। इसके लिए आपको अपने गर्भावस्था के हर ट्राइमेस्टर में एक हेल्दी डाइट प्लान को फॉलो करना होगा। ताकि आपके बच्चे का संपूर्ण विकास हो सके। ऐसे में, निचे कुछ बातें बताई जा रही हैं जिसको हर गर्भवती महिला को फॉलो करना चाहिए।

डाइट फॉलो करने से पहले इन बातों का भी ध्यान रखना चाहिए-

  • यदि किसी गर्भवती महिला की मेडिकल कंडीशन सही नहीं है, जैसे कि एलर्जी या फिर जेस्टेशनल डायबिटीज जैसी समस्या हो तब आप इन परेशानी को ध्यान में रखते हुए मील प्लान करें।

  • मील प्लान करने से पहले खुद को हाइड्रेटेड रखना भी जरूरी है, खासकर एक दिन में 10 से 12 ग्लास पानी जरूर पिएं।

  • इस दौरान आप कैफीन, शराब और धूम्रपान का सेवन न करें यह आपके भ्रूण को प्रभावित करता है।

फर्स्ट ट्राइमेस्टर के लिए डाइट प्लान

गर्भावस्था के पहले ट्राइमेस्टर में महिलाओं को अपने खान-पान का विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि, इस समय शिशु का शुरूआती तौर पर विकास होता है। इसलिए इस दौरान महिलाएं संतुलित आहार का सेवन करें।

इस दौरान, सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व जिन्हें आपको पहली तिमाही के दौरान जरूर लेने चाहिए, जैसे कि फॉलिक एसिड, आयरन, और विटामिन बी 6 के रूप में।

फॉलिक एसिड

फॉलिक एसिड के सेवन से आप पाने बच्चे को स्पाइना बिफिडा जैसे न्यूरल ट्यूब और अन्य जन्म विकारों से बचा सकती हैं।

आयरन

आयरन आपके स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने में काफी मदद करता है साथ ही, यह आपके शरीर में ऑक्सीजन के प्रबाह को संचालित करता है। ऐसे में, यदि आप इस दौरान आयरन का अपने आहार में शामिल नहीं करती हैं तो इससे आपको एनीमिया होने का खतरा रहता है।

बी 6

इन दिनों महिलाओं में सबसे अधिक मतली और उल्टी की समस्या देखने को मिलती है, ऐसे में आपको अपने आहार में बी 6 को जरूर शामिल करना चाहिए। क्योंकि, यह मॉर्निंग सिकनेस की समस्या से राहत दिलाने का काम बखूबी करता है।

दूसरे ट्राइमेस्टर के लिए डाइट प्लान

दूसरे तिमाही में, आपके बच्चे की हड्डियों के साथ-साथ उसके दिमाग का भी विकास होता है। इसके लिए आपको अपने आहार में कैल्शियम, विटामिन डी और ओमेगा 3 को शामिल किया जाना चाहिए। ताकि यह आपके बच्चे के दिमाग के विकास में सहायता कर सके।

इसके अलावा, इन दिनों आप अपने आहार में बीटाकारोटीन, विटामिन ए को जरूर शामिल करें। क्योंकि, यह शिशु को न केवल रक्त प्रदान करता है बल्कि स्वस्थ्य त्वचा को बनाने में भी मदद करता है।

इसके अलावा, यदि आप शाकाहारी हैं तो आपमें एनीमिया होने का खतरा सबसे अधिक रहता है, इसलिए अपने आहार में प्रचूर मात्रा में आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें।

तीसरे ट्राइमेस्टर के लिए डाइट प्लान

गर्भावस्था के तीसरे तिमाही में, आपके बच्चे के वजन में तेजी से विकास होता है क्योंकि, वह अब गर्भ के बाहर आने के लिए तैयार होता है। ऐसे में, आप इस दौरान पाएंगी कि आपका तेज़ी से वजन बढ़ रहा है। हालाँकि, इस दौरान महिलाएं अपने वजन को लेकर काफी चिंतित रहती हैं जो कि नहीं रहना चाहिए। क्योंकि, इस दौरान आपका बच्चा वसा की परतों का निर्माण कर रहा होता है, इसलिए इस समय आपके ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ जाती है।

विटामिन के न केवल रक्त के लिए बल्कि प्रसव के बाद भी यह आवश्यक माना जाता है। इसलिए गर्भावस्था के तीसरे तिमाही में विटामिन के को अपने आहार में जरूर शामिल किया जाना चाहिए ताकि ब्लड की कमी से बचा जा सके।

इसके अलावा, तीसरे तिमाही में आयरन से भरपूर खाद्य-पदार्थों का सेवन करना चाहिए, क्योंकि इन दिनों एनीमिया का भी खतरा रहता है जो आपमें समय से पहले प्रसव के खतरे को बढ़ा सकता है।

क्या गर्भावस्था के दौरान मुझे सप्लीमेंट की जरूरत है ?

गर्भावस्था में स्वस्थ्य खान-पान आपके गर्भ में पल रहे शिशु के सभी जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करता है। इसके लिए आप सप्लीमेंट की जगह हेल्दी फ़ूड को अपने आहार में शामिल करें। लेकिन, कभी-कभी इन खाद्य-पदार्थों के अलावा कुछ सप्लीमेंट की जरूरत पड़ती है।  ऐसे में, कोई भी सप्लीमेंट लेने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें, और साथ ही जब तक डॉक्टर आपको इसकी खुराक जब तक लेने के लिए कहें तब तक आप लें बीच में बंद न करें।  

गर्भावस्था के पहले ट्राइमेस्टर में सभी गर्भवती महिलाओं को फॉलिक एसिड सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है। वहीं दूसरे और तीसरे ट्राइमेस्टर में, डॉक्टर आपको आयरन और कैल्शियम की खुराक लेने के लिए कहते हैं। हालाँकि, गर्भावस्था के दौरान आपको कितनी बार कैल्शियम और आयरन की दवा लेने की जरूरत है यह आपके स्वास्थ्य और आपकी आहार वरीयताओं पर निर्भर करती है, कि आप शाकाहारी या मांसाहारी।

इसके अलावा, इस बात का भी ध्यान रखें कि किसी चीज का अधिक होना हमेशा बेहतर नहीं होता। विटामिन और खनिज की बहुत अधिक खुराक लेना शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है। हमेशा कोई भी दवा या गोली लेने से पहले अपनी डॉक्टर से सलाह ज़रूर करें, भले ही गोलियां जड़ी बूटियों से बनी हों।

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