हर महिलाएं नहीं जानती वाटर बर्थ डिलीवरी के बारे में !

नॉर्मल डिलवरी से लेकर सिजेरियन डिलवरी के बारे में तो आपने सुना होगा। लेकिन, क्या आपने वाटर बर्थ के बारे में सुना है, क्योंकि अभी भी बहुत सी महिलाओं को इसके बारे में पता नहीं होता है। ऐसे में आज हम आपको वाटर बर्थ डिलीवरी के बारे में बताएँगे कि यह क्या होता है। 

क्या है वाटर बर्थ डिलीवरी ?

वाटर बर्थ उस स्थिति को कहते हैं जब आप प्रसव के समय अपने बच्चे को किसी पूल या गुनगुने और बड़े से बाथ टब में अपने बच्चे को जन्म देती हैं। हालाँकि, अभी भारत में इस तरह की सुविधा सारे अस्पताल में उपलब्ध नहीं है लेकिन, कुछ बर्थिंग सेंटर में इस तरह की सुविधा उपलबध है। हालाँकि, यह बहुत ह नेचुरल तरीका है अपने बच्चे को जन्म देने का। लेकिन, लेबर के पहले स्टेज में बर्थिंग पूल का प्रयोग किया जा सकता है, जैसे कि-

– प्रसव पीड़ा को कम करने में मदद करने के लिए। 

– या फिर लेबर पेन को बढ़ाने के लिए। 

बर्थिंग पूल का तापमान क्या होता है ?

आमतौर पर, बर्थिंग पूल में पानी का तापमान एक जैसा होता है, और इस पर विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है। साथ ही, इसमें इन्फेक्शन विरोधी चीज़ों का प्रयोग किया जाता है ताकि माँ और बच्चे को किसी तरह का कोई संक्रमण न हो। वहीं टब की गहराई तकरीबन दो से ढाई फीट का होता है। साथ ही महिला को बर्थिग पूल में प्रसव पीड़ा के शुरू होने के तीन से चार घंटे बाद लाया जाता है। 

वाटर बर्थ डिलीवरी के क्या फायदे हैं ?

इसके निम्न फायदे हैं जैसे कि-

– सामान्य रूप से होने वाले डिलीवरी की तुलना में कम दर्द। 

– गर्म पानी काफी हद तक आराम पहुँचाने के साथ-साथ आपको नियंत्रण में रहने के लिए मदद करता है।

– बेड की अपेक्षा आप पानी में फ्लोटिंग अच्छे से कर पाती हैं। 

–  इसके अलावा, गर्भाशय में खून का प्रवाह भी अच्छे तरीके से होता है। 

दूसरा स्टेज- टब से बाहर निकलने का समय

प्रसव के दूसरे चरण में जब आपका गर्भाशय ग्रीवा पूरी तरह फैलने या खुलने लगता है तब आप शिशु को बाहर निकालने के लिए पुश करते हैं। तब इस स्थिति में कुछ डॉक्टर पानी में न रहने की सलाह देते हैं। हालाँकि, इस मामले में अभी भी एक जैसी राय बाहर निकल कर नहीं आई है।     

वाटर बर्थ के क्या जोखिम हैं ?

निचे वाटर बर्थ के कुछ जोखिम भी हैं जो निचे बताए जा रहे हैं-

– जन्म से पहले ही शिशु के गर्भनाल टूटने का खतरा। 

– जन्म के समय माँ और बच्चे को संक्रमण का खतरा। 

– शिशु के शरीर का तापमान बहुत अधिक या फिर बहुत कम हो सकता है। 

– शिशु को साँस लेने में समस्या हो सकती है। 

किन लोगों को वाटर बर्थ से बचना चाहिए?

– यदि आपकी उम्र 18 से कम और 35 अधिक हो। 

– यदि आप एक या उससे अधिक बच्चे की माँ बनने वाली हों। 

– यदि आपमें प्रीक्लैम्प्सिया या मधुमेह जैसी परेशानी हो। 

– यदि आपके बच्चे का जन्म समय से पहले हो रहा हो। 

– यदि आपके बच्चे का आकार बड़ा हो। 

– यदि आपमें किसी तरह का संक्रमण हो, तब इस स्थिति में वाटर बर्थ आपके लिए सही नहीं होगा। 

हालाँकि, यदि आप इसके  रही हैं तब आप डॉक्टर की निगरानी में इसका चुनाव करें। ताकि डॉक्टर किसी भी समस्या को आसानी से हैंडल कर सकें। 

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Feature Image Source: www.motherrisingbirth.com

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