घर में पालतू जानवरों के होने पर सावधानी बरतें गर्भवती महिलाएं

ज्यादातर लोग घरों में, पालतू जानवरों को रखना पसंद करते हैं। यहाँ तक कि उन्हें अपने परिवार का हिस्सा ही मानते हैं। वैसे तो, पालतू जानवरों से घुलना मिलना सुरक्षित ही होता है, लेकिन कुछ मामलों, में पालतू जानवरों को लेकर थोड़ी सावधानी भी बरतनी पड़ती है। ऐसा ही एक मामला है, महिला की प्रेगनेंसी का। जिस घर में पालतू जानवर हों और गर्भवती महिला भी हो, तो महिला को थोड़ी सी सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

ऐसा इसलिए क्योंकि पालतू जानवरों से आपके होने वाले बेबी को संक्रमण होने का खतरा रहता है। ऐसे में कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं।

जैसे-  

  • अपने पालतू जानवर को पशु चिकित्सक के पास लेकर जाएँ, और अच्छे तरीके से जाँच कराएं ताकि, इस बात का पता लगाया जा सके कि उसे किसी भी प्रकार का संक्रमण तो नहीं है। या उससे किसी प्रकार का संक्रमण महिला को होने की सम्भावना तो नहीं है।  
  • अपने पशु को समय पर सारे टीके लगवाएं।
  • अपने पालतू जानवर को अपने पेट पर कूदने मत दें।
  • यदि आपके पेट्स को कूदने या काटने की प्रवृत्ति है, तो ऐसे में उसे ऐसा न करने के लिए ट्रैन करें।
  • अपने पालतू जानवर के पूप (मल) को साफ करने से बचें खासकर, बिल्ली के। क्योंकि इसके कारन संक्रमण हो सकता है। यह संक्रमण के कारण को पैदा करता है, जिसे टोक्सोप्लाज़मोसिस कहते हैं, जो बच्चे के विकास को प्रभावित करता है।
  • बिल्लियों को अधपका मांस न खिलाएं।
  • यदि आपके पास चूहे, हैम्स्टर आदि हैं तो इनसे सावधान रहें, क्योंकि इनसे एक वायरस निकलता है जिसे लिम्फोसाइटिक कोरियोमेनेंनजाइटिस वायरस कहा जाता है। यह वायरस जन्म दोष या गर्भपात का कारण बन सकता है। ऐसे में, आप इसे घर के एक अलग हिस्से में रखने की कोशिश करें। इसके अलावा, निश्चित रूप से उसे छूने के बाद साबुन और पानी से अपने हाथ को धो लें और साथ ही चूहे को अपने चेहरे से दूर रखें।
  • पॉप को छूने के बाद, साबुन और पानी से अपने हाथ को अच्छे से धो लें।
  • यदि आपका पालतू जानवर आपके बहुत नजदीक है, तो ऐसे में कोशिश करें कि वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी घुलने मिलने की कोशिश करें। क्योंकि, बाद में आपको अपने बच्चे के साथ ज्यादा समय बिताने की जरूरत है।
  • यदि आप के बच्चे हैं, फिर भी सामान्य रूप से सावधानियां बरतें।  

loader