गर्भवस्था के पहले तीन महीने महिलाएं जरूर खाएं इन खाद्य-पदार्थों को

गर्भवस्था का हर दिन आपके लिए मुश्किल भरा हो सकता है क्योंकि इन दिनों आपके बॉडी में तेज़ी से बदलाव होता है। लेकिन, यदि आप इस समस्या से बचना चाहती हैं तो इसके लिए सबसे आसान चीज़ है उचित खान-पान। क्योंकि, इसके जरिए आप किसी भी परेशानी से लड़ सकती हैं। हालाँकि, हर गर्भवती महिला को गर्भवस्था के पहली तिमाही अपने खान-पान का विशेष तौर से ध्यान रखना चाहिए।

आमतौर पर, गर्भावस्‍था की पहली तिमाही गर्भस्‍थ शिशु और मां दोनों के लिए बहुत जरूरी होती है। इस दौरान महिला को अपने आहार में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स को शामिल करना चाहिए।महिला का आहार ऐसा आहार लेना चाहिए जिसमें पर्याप्‍त मात्रा में आयरन और फोलिक एसिड हो। खाने में ताजे फल, दाल, चावल, हरी सब्जियां, रोटी आदि खाना चाहिए।

ऐसे में, निचे उन खाद्य-पदार्थों के बारे में बात की जा रही है जिसका सेवन इन दिनों जरूर किया जाना चाहिए जो निम्न हैं-

कैल्शियम (दूध, चीज़, दही )

https://i.ndtvimg.com

इस समय आप और आपके बच्चे के लिए कैल्शियम की बहुत ज्यादा जरूरत है, क्योंकि यह शिशु के हड्डियों और दातों के विकास में सहायक होता है। इसके लिए आप पाने आहार में कैल्शियम युक्त आहार को शामिल करें जैसे कि- दूध, चीज़, दही या अंडा को शामिल करें।

फोलिक एसिड (खट्टे फल)

गर्भवस्था के तीसरे महीने में डॉक्टर भी फॉलिक एसिड खाने की सलाह देते हैं। इससे न केवल आपको फायदा होता है बल्कि गर्भ में पल आहे शिशु को भी फायदा होता है। हालाँकि, आप खट्टे फलों के जरिए आप अपने बॉडी में फोलिक एसिड की पूर्ति कर सकते हैं। क्योंकि, इसमें फोलिक एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो गर्भावस्‍था की जटिलताओं को कम करता है। खट्टे फल जैसे संतरा, मौसमी, कीनू, माल्‍टा, आंवला आदि का सेवन प्रेग्‍नेंसी के पहले ट्राइमेस्‍टर में अधिक करना चाहिए। इनमें विटामिन सी, कोलाजन और फाइबर भी होता है। खट्टे फल खाने से अपच की समस्‍या भी नही होती है।

http://vkool.com/wp-content

प्रोटीन (साबुत अनाज)

अगर आप मांस नहीं खाती हैं, तो ये सब प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। शाकाहारीयों को प्रोटीन के लिए प्रतिदिन 45 ग्राम मेवे और 2/3 कप फलियों की आवश्यकता होती है। एक अंडा, 14 ग्राम मेवे या ¼ कप फलियां लगभग 28 ग्राम मांस, मुर्गी या मछली के बराबर मानी जाती हैं।

ओमेगा-3 (मछली)

ओमेगा-3 गर्भावस्था के दिनों में एक अहम भूमिका निभाता है। क्योंकि, यह बच्चे के मस्तिष्क, तंत्रिका प्रणाली और आंखों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए अपने आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड के सेवन को भी बढाएं। बच्चे के दिमाग के विकास के लिए ओमेगा-3 और ओमेगा-6 बहुत जरूरी है। फिश लिवर ऑयल, ड्राइफ्रूट्स, हरी पत्तेदार सब्जियों और सरसों के तेल में यह अच्छी मात्रा में मिलते हैं। आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां खाना भी शुरू कर दें। इससे शरीर में खून की कमी नहीं होती है।

http://cdn.glamcheck.com

आयरन और फोलेट (पालक-अनार)

पालक, अनार खाने से खून की कमी नही होती है। पालक खाने से हिमोग्लोबिन बढ़ता है। यह फोलिक अम्ल की कमी दूर करता है। पालक के नियमित सेवन से याद्दाश्‍त भी मजबूत होती है। इसमें मौजूद फ्लेवनोइड्स एंटीआक्सीडेंट का काम करता हैं और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। इसके अलावा यह दिल की बीमारियों को कम करता है। पालक आंखों के लिए भी फायदेमंद है यह त्वचा को रूखा होने से बचाता है।

http://www.thesundaily.my

विटामिन बी-6 से समृद्ध खाद्य पदार्थ

तीसरे महीने में जी मिचलाने की समस्या बहुत अधिक होती है जिसके कारण थकान महसूस होती है। आहार में विटामिन बी6 युक्त आहार लेने से उल्टी आने की समस्या कम हो जाती है तथा इससे मूड भी अच्छा रहता है। अत: गर्भावस्था के तीसरे महीने में अपने आहार में खट्टे फल, अंडे, हरी पत्तेदार सब्जियां और आलू शामिल करें।

इन सब  के अलावा, खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए आप पानी पीती रहें, इसके लिए आप फलों का जूस, नारियल पानी और नींबू-पानी आदि का सेवन कर सकती हैं। क्योंकि, मॉर्निंग सिकनेस से बचने के लिए नींबू-पानी या अदरक की चाय पी जा सकती हैं। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी। इन तीन महीनों में बच्चे के अंग बनने शुरू होते हैं। ऐसे में खाने की मात्रा से ज्यादा उसकी क्वॉलिटी पर ध्यान देना जरूरी है।

loader