गर्भावस्था के दौरान तनाव की समस्या

गर्भावस्था के दौरान अपनी जिंदगी और शरीर में आए बदलावों को लेकर थोड़ा तनाव होना सामान्य है। लेकिन, यदि आप दिन-रात परेशान और तनावग्रस्त रहती हैं, तो असर आपके शिशु को प्रभावित कर सकता है। क्योंकि, तनाव का हॉर्मोन कॉर्टिसोल प्लेसेंटा से होते हुए शिशु तक पहुंच सकता है और शिशु के भावनात्मक विकास को तैयार करने वाले तत्वों को प्रभावित कर सकता है।

हालांकि, गर्भावस्था में अवसाद के लक्षण भी देखने को मिलते हैं, जो निम्न हैं-

  • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई

  • लगातार चिंता होना

  • चिड़चिड़ापन और मूड में बदलाव

  • सोने में कठिनाई

  • या तो लगातार खाने की इच्छा या भूख न लगना

  • लगातार उदास रहना

अवसाद के कारण

गर्भावस्था के दौरान तनाव के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि परिवार में इस तरह की कोई पुराना इतिहास रहा हो। या फिर अनप्लांड बेबी और बेबी ब्लूज भी इसका एक कारण हो सकता है। हालाँकि, इससे राहत पाने के लिए आप निम्न तरीके अपना सकते हैं-

  • ऐसी परिस्थितियों में गर्भावस्था के दौरान तनाव से निपटना इसलिए अनिवार्य हो जाता है। गर्भवती महिलाओं को याद रखना चाहिए कि तनाव को टाला नहीं जा सकता लेकिन इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  • गर्भवती महिलाओँ द्वारा किया जाने वाला सबसे आम व्यायाम मेडिटेशन या कुछ स्ट्रेचिंग व्यायाम तनाव से राहत दिलाता है।

  • तनाव से बचने के लिए एक अन्य तरीका यह है कि जब आप अकेले या अपने आसपास की चीज़ो से बोर हो रहे हों आप जोर-जोर से बातें करें और उनको रिकॉर्ड करे जो भी आपके मन में आता है।

loader