गर्भावस्था के दौरान नट्स खाना कितना फायदेमंद?

ड्राई फ्रूट्स में आवश्यक विटामिन और खनिज प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह गर्भावस्था के दौरान आपकी पोषण संबंधी जरुरतों को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, भी इसके बहुत फायदे हैं जो निम्न हैं-

मेवे फाइबर से भरपूर होते हैं, विशेष रूप से जो बाहर से भूरे आवरण वाले होते हैं। फाइबर गर्भावस्था में आमतौर पर होने वाली कब्ज की समस्या में आराम देता है।

बादाम, अखरोट जैसे मेवे आयरन और प्रोटीन के भी अच्छे स्त्रोत हैं। अगर आप शाकाहारी हैं, तो आपके लिए ये विशेष रुप से फायदेमंद हो सकते हैं।

पर्याप्त मात्रा में आयरन का सेवन रक्त की कमी (एनीमिया) को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। विटामिन सी आयरन को कुशलता पूर्वक अवशोषित करने में शरीर की सहायता करता है। इसलिए शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ाने के लिए मेवों का सेवन संतरे के रस या नींबू पानी के साथ करें।

यह ध्यान रखिए कि मेवों में अत्याधिक वसा और कैलोरी होती है, विशेषतः अगर वे तले हुए या चीनी से लेपित हैं। एक स्वस्थ और संतुलित आहार के लिए, यह बेहतर है कि मेवों को उनकी प्राकृतिक अवस्था में और अन्य किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह नियंत्रित मात्रा में ही खाया जाए। मुट्ठी भर मेवे एक दिन के लिए पर्याप्त हैं।

नट्स में पाए जाने वाले प्रमुख पोषक तत्व निम्न हैं-

कैल्शियम- कैल्शियम गर्भावस्था के दौरान हाइपरटेंशन और प्री-एक्लेमप्सिया के जोखिम को कम कर देता है। यह आपके शिशु की मजबूत हड्डियां व दांत, स्वस्थ नसें व मांसमेशियां विकसित करने में मदद करता है।

कॉपर- कॉपर शरीर में संग्रहित आयरन का उपयोग करने में शरीर की मदद करता है। अंगों और मांसपेशियों के सुचारु रुप से काम करने के लिए भी यह महत्वपूर्ण है।

फाइबर- फाइबर ह्दय रोग और मधुमेह को रोकने में मदद करता है। यह वजन को नियंत्रित करता है और पाचन में सुधार लाता है। गर्भावस्था में कब्ज जैसी आम शिकायत को रोकने में मदद करता है और रक्तचाप को कम रखने में भी सहायक है।

आयरन- शरीर में आयरन की पफाइबर-र्याप्त मात्रा खून की कमी एनीमिया से बचाती है।

मैग्नीशियम- हड्डियों के विकास व रखरखाव और नसों व मांसपेशियों के समुचित कार्य को सुनिश्चित करता है। मल त्याग में भी मदद करता है।

ओमेगा 3 फैट- आपके अजन्मे शिशु के मस्तिष्क और आंखों के विकास में मदद करता है।

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