गर्भावस्था में इन 6 प्रॉब्लम से जरूर बच कर रहें महिलाएं

प्रेगनेंसी में ज्यादातर महिलाएं होती हैं इन जटिलताओं का शिकार

गर्भावस्था के दौरान कुछ समस्याएं ऐसी हैं जो बेहद सामान्य हैं, जिससे महिलाओं को गुजरना पड़ता है। लेकिन, गर्भवती महिलाएं थोड़ी सी सावधानी बरत कर इन परेशानी से बच सकती हैं। क्योंकि, इस तरह की समस्या माँ और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। ऐसे में, इस तरह की जानकारी होते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। निचे गर्भवस्था में होने वाली जटिलताओं के बारे में बात की जा रही है, जो निम्न हैं-

भ्रूण की समस्या

अजन्मे शिशु में स्वास्थ्य संबंधी समस्या देखने को मिल सकती है जैसे कि शिशु का पूर्ण रूप से विकास न होना और हृदय की धीमी गति।

लक्षण

  • सामान्य से बेबी का कम मूवमेंट

  • सामान्य की तुलना में बच्चे का कम विकास

उपचार

  • डॉक्टर की निगरानी में हमेशा बने रहें, ताकि डॉक्टर शिशु के धड़कन की जाँच कर सकें।

प्रीक्लेम्पसिया

यह गर्भावस्था के 20 हफ्तों के बाद शुरू होने वाली आम समस्या है, जिसके दौरान हाई ब्लड प्रेशर की समस्या देखने को मिलती है।

लक्षण

  • उच्च रक्त चाप

  • हाथ और चेहरे में सूजन

  • मूत्र में प्रोटीन की अधिकता

  • पेट दर्द

  • धुंधली दृष्टि

  • चक्कर आना

  • सिर दर्द

उपचार

इसका एकमात्र इलाज डिलीवरी है, जो शिशु के जन्म के बाद खुद ब खुद खत्म हो जाता है। हालाँकि, इसे कंट्रोल करने के लिए महिलाएं कुछ दवाएं और बेड रेस्ट कर सकती हैं। 

एनीमिया –

यह गर्भवती महिला में खून की कमी को दर्शाता है, जिस दौरान शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या सामान्य से कम होती है।

लक्षण

  • थका हुआ या कमजोर महसूस करना

  • त्वचा का रंग पीला पड़ना

  • बेहोशी जैसा महसूस होना

  • साँसों की कमी

उपचार

गर्भवती महिला को इसका उपचार जल्द से जल्द करना चाहिए ताकि शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या को बढ़ाया जा सके। इसके लिए आप, आयरन और फॉलिक एसिड सप्पलीमेंट और खाद्य-पदार्थों का सेवन कर सकती हैं।

तनाव

गर्भावस्था के दौरान या जन्म के बाद महिलाएं बहुत अधिक तनाव में चली जाती हैं, जिसका असर उनके हेल्थ पर पड़ता है।

कारण

  • हमेशा उदास रहना

  • चिड़चिड़ापन

  • भूख न लगना

  • खुद या बच्चे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करना

उपचार

अगर महिलाओं में इस तरह की स्थिति उत्पन्न हो तो तुरंत उपचार किया जाना चाहिए, इसके लिए आप इसका सहारा ले सकती हैं-

  • थेरेपी

  • दवाएं

  • योग

एक्टॉपिक प्रेगनेंसी (अस्थानिक गर्भावस्था)

यह गर्भावस्था से जुड़ी एक गंभीर समस्या है, जहाँ शिशु का विकास गर्भाशय में होने की बजाय फलोपियन ट्यूब में होने लगता है, जिसे अस्थानिक गर्भावस्था या एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी कहते हैं।

लक्षण

  • पेट में दर्द

  • रक्तस्राव

  • चक्कर या बेहोशीआना

उपचार

एक्टोपिक गर्भावस्था के साथ,अंडे का विकास नहीं हो पाता है इसके लिए, एक्टोपिक टिस्सु  को निकालने के लिए ड्रग्स या सर्जरी का उपयोग किया जाता है ताकि आपके अंग क्षतिग्रस्त न हों।

प्लेसेंटा प्रेविया

प्लेसेंटा बच्चे के विकास में अहम रोल निभाता है, ठीक गर्भाशय के मुंह पर स्थित हो जाता है। जो कई तरह से खतरनाक साबित हो सकता है।

लक्षण

दूसरे या तीसरे तिमाही के दौरान भारी रक्तस्राव

उपचार

  • क्त संचारण के जरिए।

  • समय से पहले प्रसव को रोकने के लिए दवाएं।

  • गर्भावस्था को कम से कम 36 हफ्तों तक जारी रखने की दवा।  

  • स्टेरॉयड शॉट्स एक प्रकार का इंजेक्शन है जिससे होने वाले बच्चे के फेफड़ों को परिपक्व होने में मदद मिलती है।

आपकी बिंदु- एक दैनिक कॉलम है, जहाँ आपको हर मर्ज़ की दवा मिल सकती है। इसके लिए आप घरेलू नुस्खे, हेल्दी फ़ूड से लेकर तमाम सभी चीज़ों की जानकारियों और अपने सवाल इस ईमेल aapkihindieditor@zenparent.in पर भेज सकते हैं।

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