गर्भावस्था के शुरूआती तीन महीने महिलाएं भूलकर भी इन लक्षणों की अनदेखी न करें

प्रेगनेंसी में हर वो एक पल का ध्यान रखना पड़ता है, ताकि माँ और बच्चे को किसी भी तरह का कोई खतरा न हो। खासकर शुरूआती तीन महीने किसी भी गर्भवती महिला के लिए अहम होता है। इन दिनों आपको विशेष देखभाल की जरूरत होती है, क्योंकि सबसे अधिक गर्भपात का खतरा इसी समय में होता है। इसलिए, निचे कुछ बातें बताई जा रही हैं, जिसका ध्यान आप रख सकती हैं, और आने वाले खतरों से खुद का बचाव कर सकती हैं-

पेट के निचले हिस्से में दर्द

जब किसी गर्भवती महिला के पेट के निचले हिस्से में दर्द की समस्या हो तब आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत होती है, क्योंकि इस तरह की समस्या निम्न कारणों से हो सकती है, जैसे कि-

– एक्टोपिक प्रेगनेंसी (अस्थानिक गर्भावस्था)

– गर्भपात

– समय से पहले शिशु का जन्म

– फाइब्रॉइड का टूटना जिससे कि रक्तस्राव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

बुखार होने पर

यदि गर्भावस्था के दौरान आपको 100 या उससे अधिक बुखार की समस्या रहती है, तब आपको फ्लू या संक्रमण होने के चांसेस होते हैं। ऐसे में, आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत पड़ती है। क्योंकि, इससे गर्भ में पल रहे शिशु को खतरा हो सकता है।

शरीर में सूजन

गर्भवस्था में हांथो-पैरों में सूजन की समस्या बहुत आम होती है, क्योंकि आपके शरीर का पूरा भार आपके पैरों पर पड़ता है जिससे कि सूजन की समस्या उत्पन्न होने लगती है। लेकिन, यदि आपको इन दिनों हाथ-पैर के अलावा, चेहरे या आंखों के आस-पास लगातार सूजन की समस्या हो, तब यह आपके लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। साथ ही इसके साथ आपको लगातार सिर दर्द और धुंधली दृष्टि जैसे लक्षण दिखाई दें तब आपको प्रीक्लेम्पसिया की समस्या हो सकती है। इसलिए जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।

गर्भवस्था में रक्तस्राव की समस्या

गर्भावस्था के पहले ट्राइमेस्टर में रक्त स्राव की समस्या काफी सामान्य है, इससे शिशु को नुकसान नहीं होता है। क्योंकि, इस तरह का रक्तस्त्राव तब होता है, जब गर्भावस्था के हार्मोन आपके सामान्य माहवारी चक्र को दबाने लगते हैं, मगर वे पूरी तरह ऐसा नहीं कर पाते और कुछ समय के लिए आपकी माहवारी जारी रहती है। लेकिन, जब यह असामान्य महसूस हो तो हो सकता है कि  यह गर्भपात होने का संकेत दे रहा हो। इसके अलावा, ब्लीडिंग होने का एक कारण एक्टोपिक प्रेगनेंसी भी होता है, जिसमें भ्रूण गर्भ की बजाय फेलोपियन ट्यूब में प्रत्यारोपित हो जाता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

यूरिन पास करते समय जलन या दर्द की समस्या

जब आपको इस समय यूरिन पास करते समय न केवल जलन या दर्द की समस्या उत्पन्न हो बल्कि साथ-साथ रुक-रुक कर यूरिन निकलना या फिर उसमें से गंध आना यह गर्भवती महिला के लिए खतरनाक हो सकता है। क्योंकि, यह यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का एक कारण हो सकता है। जो गर्भ में पल रहे शिशु के लिए खतरनाक हो सकता है।

बच्चे के मूवमेंट में कमी

गर्भवती महिला को गर्भवस्था के 20 से 24वें हफ्ते में शिशु का मूवमेंट पता चल सकता है। जबकि कुछ महिलाओं में इस तरह की हलचल 16 वें हफ्ते से भी शुरू हो सकती हैं। लेकिन, यदि आपको 24 हफ्ते के बाद भी अपने शिशु की कोई गतिविधि महसूस नहीं हो तब आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।  

इसके अलावा इन बातों का भी ध्यान रखें-

– बहुत अधिक अपच की समस्या होने पर

– एसिडिटी और हार्टबर्न की समस्या होने पर

– फ़ूड पॉइज़निंग की समस्या होने पर

– शरीर में बहुत अधिक खुजली की समस्या

– लगातार उल्टी की समस्या

– अचानक से बहुत अधिक प्यास लगना

क्योंकि, कभी-कभी इस तरह की समस्या भी गर्भवती महिलाओं के लिए समस्याएं पैदा कर सकती हैं। इसलिए, समय-समय पर अपने डॉक्टर से जाँच कराती रहें हुए साथ ही जितना हो सके तनावमुक्त रहने की कोशिश करें।

Feature Image Source: infobaby.org

loader