गर्भवस्था के दौरान क्यों होती है पेट टाइटनिंग की समस्या?

गर्भवस्था के दौरान महिलाओं में जो सबसे आम समस्या है वह है पेट का टाइट होना। जिससे कि महिलाएं को आए दिन सामना करना पड़ता है। क्योंकि, जैसे-जैसे वह अपने प्रेगनेंसी के करीब पहुँचती हैं वैसे-वैसे उनका पेट और भी अधिक टाइट होने लगता है।

गर्भवस्था में क्यों होता है पेट टाइटनिंग की समस्या ?

जैसे-जैसे आपके शिशु का विकास होता जाता है वैसे-वैसे आपके गर्भाशय का आकार बढ़ने लगता है और आपके पेट की माँसपेशियाँ खिंचने लगती हैं। जिसके कारण आप काफी असहज महसूस कर सकती हैं। हालाँकि, कुछ महिलाओं में इस तरह की समस्या

प्रारंभिक गर्भावस्था के दौरान भी होती है जो लिगामेंट स्ट्रेचिंग के कारण उत्पन्न होती है। लेकिन, यदि आपमें यह समस्या दूसरे और तीसरे ट्राइमेस्टर के दौरान होती है, तब यह ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन के कारण हो सकता है।

ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन क्या है?

गर्भावस्था के बीच में या इससे पहले आप अपने गर्भाशय की मांसपेशियां कसने या कड़ी होने जैसा महसूस कर सकती हैं। ऐसे में, जब आप अपने पेट को छूती हैं तब आप यह महसूस करेंगी कि आपका गर्भाशय कितना सख्त हो गया है। हालाँकि, ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन को आप 15 हफ्तों की गर्भावस्था के समय से महसूस कर सकती हैं। आमतौर पर, यह केवल इस बात का संकेत होता है कि आपका गर्भाशय अपनी मांसपेशियों के मसल फाइबर को प्रसव के लिए तैयार कर रहा है।

प्रेगनेंसी में पेट का कड़ा होना किस बात पर निर्भर करता है ?

गर्भवस्था के दौरान आपके पेट में बहुत सारे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा, भी कई ऐसे कारण हैं जो इन दिनों पेट के कठोर होने के कारण को उत्पन्न करते हैं-

  • पेट का आकार सामान्य रूप से बढ़ना।

  • आप अपने प्रेगनेंसी के कितने करीब हैं।

हालाँकि, गर्भवती महिलाएं करीब 15 हफ्तों की गर्भावस्था के दौरान अपने पेट में कड़ापन महसूस कर सकती हैं। बहरहाल, आपका गर्भाशय करीब सात सप्ताह की गर्भावस्था से ही हल्के संकुचन कर रहा होता है, और आपको इसका अहसास भी नहीं होता। जितना बड़ा आपका गर्भाशय होता जाता है, उतना अधिक आप कसाव होने पर इसकी अनुभूति कर सकती हैं।

गर्भवस्था के पहले ट्राइमेस्टर में महिलाएं कैसा अनुभव कर सकती हैं ?

इस दौरान, महिलाएं निम्न बातों का अनुभव कर सकती हैं, जैसे-

  • हल्के तौर पर क्रैम्पिंग का अहसास आपको यह अनुभव कराता है कि आप गर्भवती हैं।

  • गर्भवस्था के दौरान मॉर्निंग सिकनेस की समस्या काफी आम है क्योंकि, यह आपमें हार्मोनल चेंज के कारण होता है।

  • पेट के आकार में परिवर्तन होना भी एक आम लक्षण है, क्योंकि जैसे-जैसे आपके गर्भ में शिशु का आकार बढ़ता जाएगा वैसे-वैसे आपके पेट में परिवर्त्तन होता जाएगा।

  • इन सब के अलावा, जो सबसे आम लक्षण है वह है बार-बार यूरिन पास होना। क्योंकि, बढे हुए गर्भाशय का आकार आपके मूत्राशय पर दबाव डालता है जिससे कि बार-बार यूरिन पास करने जैसी समस्या उत्पन्न होने लगती है।

पेट टाइटनिंग की समस्या से कैसे बचें ?

गर्भवस्था में पेट टाइटनिंग की समस्या बेहद आम बात है, लेकिन थोड़ी से सावधानी बरत कर आप इस समस्या से बच सकती हैं जिनमें निम्न शामिल हैं-

खूब सारे तरल-पदार्थों का सेवन करें

इन दिनों इस तरह की समस्या कई कारणों से उत्पन्न हो सकती है, जैसे कि गैस, कब्ज या फिर दर्द के कारण। ऐसे में, इस समय आप बहुत अधिक तरल पदार्थों और पानी का सेवन करें। इससे आपको न केवल कब्ज की समस्या से राहत मिलेगी, बल्कि इससे आपके भोजन को भी पचने में मदद मिलेगी।

हीटिंग पैड

इससे आप अपने पेट की अच्छे से सिकाई करें, इससे आपको काफी आराम मिलेगा।

मसाज

मसाज से भी आपको इस समस्या से काफी आराम मिलेगा।

आराम करें

जब भी आपको इस तरह की समस्या उत्पन्न हो तो जितना हो सके आराम करने की कोशिश करें।    

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