डिलीवरी माँ के घर या अपने घर?

प्रेग्नेंट होने के बाद, आपको यह निर्णय भी लेना होता है कि आप अपनी डिलीवरी कहाँ करवायेगी।  अपनी माँ के पास जाएँगी या अपने घर ही रहेंगी। दोनों ही विकल्पों के अपने कुछ फायदे होते हैं, तो कुछ नुक्सान भी है। इन सभी चीजों पर विचार करके ही, निर्णय लें।

जो भी आप निर्णय लें, अपने पार्टनर से भी सलाह ले लें। दोनों की सहमति में ही निर्णय लें, ताकि आने वाली जिंदगी में खुशियाँ ही हो, कोई मन मुटाव नहीं।

अपने माँ के घर जाने का निर्णय

फायदे:

  • यहाँ आपको और बेबी, दोनों को दुनिया की सबसे बेहतर देखभाल मिलती है। माँ आपके बिना कहे ही यह समझ जाती है कि आपको क्या चाहिए।
  • यहाँ आपको ज्यादा आजादी मिलती है। आप अपनी माँ से आराम से कोई भी बात कह सकती हैं। यहाँ बेबी के सोने के बाद आप भी जब चाहें आराम से सो सकती हैं।

नुकसान:

  • आपके पति, डिलीवरी में पूरी तरह से सहायता नहीं कर पाएंगे। उन्हें बेबी के साथ बॉन्डिंग बनाने में थोड़ा समय लग सकता है।
  • वापस अपने घर आने पर, आपको और बेबी, दोनों को घर के माहौल के साथ ताल-मेल बैठाने में थोड़ी समस्या हो सकती है।

अपने घर पर रहने का निर्णय

फायदे:

  • यहाँ आप, अपने बड़ों से सलाह लेकर, खुद से अपने और  बेबी का ध्यान रख सकती हैं।  
  • आपके पति आपका और बेबी का ज्यादा अच्छे से ध्यान रख सकते हैं। इससे, उनका बेबी के साथ ज्यादा अच्छे से बॉन्डिंग होगी। हो सकता है कि आपका, अपने पति के साथ और अच्छा रिश्ता बन जाए।

नुकसान:

  • आपको इतना आराम नहीं मिलेगा, जितना आप चाहती हैं, क्योकि यहाँ आपको अपने काम खुद से ही करने होंगे, विशेषकर जब आपके पति अपने काम पर चले जाए।
  • नींद पूरी न होने से, आपको हमेशा थकान महूसस होगी और हो सकता है कि आप डिप्रेस्ड भी हो जाए। इस कारण, आपके और बेबी के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।

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