डिलीवरी के लक्षण को इन 4 तरीकों से पहचान सकती हैं महिलाएं

गर्भावस्था का सबसे अहम और जटिल समय होता है नौंवा महीना, जब शिशु के इस दुनिया में कदम रखने का वक़्त होता है। सच तो यह यह है कि जैसे ही महिलाएं गर्भावस्था के नौवें हफ्ते में कदम रखती हैं, उन्हें प्रसव का डर सताने लगता है। खासकर जो पहली बार माँ बन रही होती हैं। ऐसे में, इन्हें हर समय ऐसा महसूस होता है कि अब लेबर पेन शुरू हो रहा है। हालाँकि, गर्भवती महिलाएं निचे कुछ लक्षणों को ध्यान में रख कर लेबर पेन को समझ सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-

पेट दर्द और ऐंठन

यह प्रसव का सबसे बड़ा लक्षण है, क्योंकि इस दौरान महिलाओं के पीठ और पेट में ऐंठन होने लगती है। इस प्रकार के ऐंठन आपको पीरियड्स के दौरान भी होता है। इसके अलावा, दर्द भरे संकुचन, जो नियमित और छोटे अंतराल पर होने लगते हैं और बाद में और लंबे व प्रबल हो जाते हैं। इस तरह के लक्षण नजर आने पर आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

योनि से पानी का निकलना

आपके योनि से पानी तब निकलता है जब आपके प्रसव का समय बिल्कुल करीब होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपका बच्चा एमनियोटिक तरल पदार्थ की थैली से सुरक्षित रहता है। यह प्रसव पीड़ा के दौरान टूटता है और पानी गिरना शुरु हो जाता है। जो प्रसव का सबसे बड़ा लक्षण होता है।

योनि से भूरे या खून जैसा स्राव होना

इसे श्लेम (म्यूकस) कहते हैं, जो आपकी गर्भाशय की ग्रीवा पर लगा होता है। जैसे ही, यह श्लेम का डाट बाहर की ओर आता है इसका मतलब है कि आप प्रसव के बिल्कुल करीब हैं।  

योनि का मुंह खुलना

जब आपका सर्विक्स यानि कि गर्भ का सबसे निचला हिस्सा, जो योनि तक जाता है जब दस सेंटीमीटर तक फैलने लगे, तब आप प्रसव के करीब होती हैं।  

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