सी-सेक्शन के बाद संक्रमण के लक्षण को इन आसान तरीकों से पहचानें

जब किसी गर्भवती महिला की डिलीवरी सामान्य प्रसव से न होकर सी-सेक्शन के जरिए हो तब उसे सिजेरियन प्रसव कहा जाता है। इसमें गर्भवती महिला के पेट के निचले हिस्से में चीरा लगाकर शिशु को बाहर निकाला जाता है। हालाँकि, इस तरह की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब महिला प्राकृतिक प्रसव से बच्चे को जन्म देने में सक्षम नहीं होती हैं, साथ ही जब इस दौरान माँ और शिशु की जान को खतरा होता है तब डॉक्टर सिजेरियन की सलाह देते हैं।

किन महिलाओं को डॉक्टर सिजेरियन करने की सलाह देती हैं ?

निम्न कारणों से डॉक्टर गर्भवती महिला को सिजेरियन करने की सलाह देते हैं, जैसे-

  • जब शिशु उल्टा हो और साथ ही प्रसव के दौरान ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसमें माँ और बच्चे दोनों के जान को खतरा हो।

  • जब गर्भ में एक या उससे अधिक बच्चे हो, जिसमें माँ का बॉडी नॉर्मल प्रसव के लिए तैयार न हो।

  • जब आपका जनन मार्ग काफी छोटा हो और शिशु का सिर काफी बड़ा हो, जो बाहर निकलने में सक्षम न हो।

  • प्रसव के समय आपके शिशु के दिल की धड़कन अनियमित हो गई है।

  • जब आपमें प्री-एक्लेमप्सिया की समस्या हो, और प्रसव के दौरान बढ़ गई हो।  

  • जब आपमें संक्रमण या भ्रूण से संबंधित कोई बीमारी या असामान्यता है।

सी-सेक्शन के बाद संक्रमण के क्या लक्षण हैं ?

चीरे वाली जगह का लाल होना

जब भी आपको सिजेरियन ऑपरेशन हुआ हो तब उसे संक्रमण से बचा कर रखना पड़ता है। इसके लिए सबसे जरूरी यह है कि उसके संक्रमण के लक्षणों को ध्यान में रखें। जिसमें सबसे पहला लक्षण है चीरे वाली जगह का लाल होना। क्योंकि, यदि उस जगह पर दो-तीन बाद भी लालिमा बनी हो इसका मतलब साफ है कि उस जगह पर संक्रमण हो रहा है।

पस या खूनी मवाद का निकलना

यह टांकें वाली जगह में संक्रमण होने का सबसे बड़ा लक्षण है, जिसे आप भूलकर भी नज़रअंदाज़ न करें। क्योंकि, यह आपकी तकलीफ को और अधिक बढ़ा सकता है।

चीरे की जगह पर दर्द होना

यदि आपको चीरे की जगह पर लगातार दर्द महसूस हो जो कि दवा खाने के बाद भी असर कम न हो तब यह संक्रमण की ओर इशारा करता है।

योनि-स्त्राव

जब किसी महिला को सी-सेक्शन के बाद योनि से न केवल स्त्राव बल्कि भारी मात्रा में और बदबूदार हो तब यह संक्रमण का संकेत हो सकता है।

बहुत तेज़ बुखार

जब किसी महिला को सिजेरियन ऑपरेशन के बाद तेज़ बुखार हो रहा हो, तब एक बार डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। क्योंकि, यह टांकें में संक्रमण हो सकता है।

सी-सेक्शन के बाद देखभाल कैसे करें ?

यदि किसी महिला का प्रसव सी-सेक्शन से हुआ हो तब विशेष देखभाल की जरूरत पड़ सकती है, जिनमें निम्न शामिल हैं-

जितना हो सके आराम करें

सर्जरी के बाद गर्भवती महिलाएं यह कोशिश करें कि जितना हो सके उतना आराम करें। क्योंकि, सी-सेक्शन को जल्दी से ठीक करने के लिए आपको आराम की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। ताकि आप जल्द से जल्द ठीक हो सकें और अपने शिशु का उचित तरीके से देखभाल कर सकें।

टांके वाले जगह को सूखा रखें

यह बात का हमेशा ध्यान रखें कि चीरे वाली जगह को साफ और सूखा रखें, ताकि उस जगह पर संक्रमण न हो सके। साथ ही, नहाने के दौरान इस बात का ध्यान रखें कि उस जगह पर पानी न जाने पाएं नहीं तो आपके लिए समस्या पैदा हो सकती है।

भारी चीज़ों को उठाने से बचें

सी-सेक्शन के बाद महिलाओं को कुछ दिनों तक घर के भारी काम के अलावा वजन वाले सामान को उठाने से बचना चाहिए। क्योंकि, इससे आपके टाकेँ पर जोर पद सकता है, कर उसके फटने का खतरा रहता है।

चीरे वाली जगह की साफ-सफाई का ध्यान रखें

कुछ दिनों तक चीरे वाली जगह को साफ-सुथरा रखें, उस जगह की पट्टियों को बदलती रहें ताकि संक्रमण से बचा जा सके।

उचित खान-पान का ध्यान रखें

यदि आप सच में चाहती हैं कि आप जल्द से जल्द ठीक हो जाएं तो इसके लिए आपको अपने खान-पान का उचित तरीके से ध्यान रखना पड़ेगा। इसके लिए आपको अपने आहार में प्रोटीन, विटामिन और कैल्शियम जैसे खाद्य-पदार्थों को शामिल करना होगा।

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