भारत में जन्म प्रमाण पत्र के बारे में जाने ये ख़ास बातें

बच्चे के जन्म के बाद सबसे पहला काम, उसका जन्म प्रमाण पत्र बनवाना होना चाहिए। ये एक महत्तवपूर्ण दस्तावेज होता है जिसे शहरों में म्युनिसिपल कारपोरेशन और गांव में ग्राम पंचायत के द्वारा दिया जाता है, इसके लिए आपको वहां जाकर पंजीकरण करवाना होता है।

जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता, स्कूल एडमिशन, पासपोर्ट बनवाने आदि में पड़ती है। इसलिए, बच्चे के जन्म के एक माह के भीतर ही जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन कर दें और इसे बनवा लें।

जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आपको निम्न प्रक्रिया का पालन करना होगा:

 

  • हॉस्पिटल में या टाउन रजिस्ट्रार ऑफिस में जन्म पंजीकरण फॉर्म मिलता है। आपको उसे लेना होगा और उसमें सभी जानकारियों को भरना होगा। जानकारी में बच्चे का नाम, लिंग, माता-पिता का नाम और घर का पता आदि देना होता है। साथ ही जिस हॉस्पिटल में जन्म हुआ वह की जानकारी देनी होती है।
  • पूरा भरा हुआ फॉर्म, शुल्क के साथ लोकल अथॉरिटीज को जमा करना होता है। हर क्षेत्र की फीस अलग-अलग होती है।
  • वो ऑफिस, उस हॉस्पिटल में वेरीफाई करेगा और उसके बाद जन्म प्रमाण पत्र को बना देगा।
  • इस पूरी प्रक्रिया में कुल 10 दिन का समय लग जाता है।
  • कोशिश करें कि आप अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए 21 दिनों के भीतर ही आवेदन कर दें। इससे प्रक्रिया में ज्यादा समय नहीं लगता है।
  • लेकिन अगर जन्म प्रमाण पत्र के लिए 21 दिनों के बाद आवेदन किया जाता है तो इसके लिए पुलिस वेरिफिकेशन किया जाता है। और इसमें समय लग जाता है।
  • अगर आपको बहुत जल्दी जन्म प्रमाण पत्र बनवाना है तो इसके लिए फ़ास्ट ट्रैक प्रक्रिया भी है।

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