बेबी का चौथा हफ्ता

इस हफ्ते बेबी अपना एक महीना पूरा कर लेता है, और इतना ही नहीं उसके शरीर में बहुत सारे परिवर्तन भी होने शुरू हो जाते हैं। जिससे कि बच्चे के शरीर में मजबूती आना लाज़मी है। साथ ही साथ उसके सुनने की क्षमता में भी वृद्धि होती है। जिसके कारण वह अपने आसपास से आने वाली आवाज़ों को आसानी से सुन सकता  है।  

इस हफ्ते में आते ही बच्चे, खुद की भावनाओं को व्यक्त करने के लिए किलकारियां भरना शुरू कर देते हैं, और अपने लहज़े में कुछ-कुछ बोलने की कोशिश भी करते हैं। ऐसे में, आप जितना हो सके अपने शिशु से बात करने की कोशिश करें। ध्यान रखें कि बेबी से बात करते हुए अपने चेहरे पर भाव बनाएं, ताकि वह उसे एन्जॉय कर सके।

हालाँकि, यह सच है कि एक महीने के बच्चे की नींद और स्तनपान का समय, सेट होने में थोड़ा वक़्त लगता है। ऐसे में, उसे कभी भी भूख लग सकती है और उसके सोने का टाइम भी फिक्स नहीं होता है। जिससे कि आपकी नींद पूरी नहीं हो पाती है। आमतौर पर यह एक नयी माँ के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है कि वह शिशु का ध्यान रखते हुए खुद का ख्याल कैसे रख सकती है।

 

लेकिन यदि बेबी सो गया है और फिर भी आपको नींद नहीं आ रही हो, या बिना वजह किसी प्रकार की कोई चिंता सता रही है तो यह प्रसव के बाद अवसाद का लक्षण हो सकता है। इस समस्या के बारे में कई बार महिलाओं को पता नहीं चल पाता है। ऐसे में, जब आपको लगे कि आप हद से ज्यादा टेंशन ले रहीं हैं तो ऐसे में डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

सामान्यतः प्रसव के एक महीने बाद महिला के स्वास्थ्य में सुधार होने लगता है, लेकिन वजन का बढ़ना भी संभव है। ऐसे में, इससे बचने के लिए आपको हल्के-फुल्के एक्सरसाइज शुरू कर देना चाहिए। धीरे-धीरे आपका वजन खुद ब खुद कम हो जाएगा।

loader