अगर आप चाहती है हेल्दी बेबी तो प्रेगनेंसी में इन बातों को न करें इग्नोर

गर्भावस्था के पूरे समय में गर्भवती महिला के मूड में परिवर्त्तन देखने को मिलता है। लेकिन यह आप पर निर्भर करता है कि आप इसे कैसे हैंडल करती हैं। खासकर महिलाओं को इस समय अपने खान-पान का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।  क्योंकि, आपके उचित खान-पान पर ही आपके बच्चे का विकास निर्भर करता है। इसलिए इस समय भूलकर भी अपने खाने-पीने की अनदेखी न करें। क्योंकि, इस से कुछ ऐसी समस्याएं हैं जो आपके लिए घातक हो सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-

भ्रूण के विकास पर असर

यह बिल्कुल सच है कि गर्भवस्था के समय यदि आप अपने खान-पान का उचित तरीके से ध्यान नहीं रखती हैं तो वह न सिर्फ आपके लिए बल्कि गर्भ में पल रहे भ्रूण के विकास पर भी पड़ता है। इस समय आप जो खुश भी खाती हैं उसका सीधा असर आपके भ्रूण पर पड़ता है। इस दौरान यदि गर्भवती महिलाएं विटामिन या अन्य पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करती हैं, तो इससे बच्चे की अपर्याप्त वृद्धि हो सकती है।

गर्भपात का खतरा

प्रेगनेंसी में सही तरीके से प्रोटीन और विटामिन न लेने के कारण महिलाओं में गर्भपात का भी खतरा रहता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि जब शिशु को उचित पोषक-तत्व नहीं मिल पाते हैं, तब उसका विकास अवरूद्ध हो जाता है। इसलिए, इस दौरान महिलाएं अपने खान-पान का विशेष तौर पर ध्यान रखें।

मस्तिष्क संबंधी विकार

गर्भवती महिलाओं को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उनके सही तरीके से न खाने के कारण बच्चों के मस्तिष्क पर असर पड़ता है। क्योंकि, शिशु में न्यूरोलॉजिकल विकार सीधे तौर पर आपके द्वारा पोषक तत्वों का उचित मात्रा में सेवन न करने के कारण होता है। हालाँकि, कुछ मामलों में रीढ़ और मस्तिष्क संबंधी विकार पाए जाते हैं, जबकि बहुत कम मामले में बच्चे इससे मंद बुद्धि के पैदा होते हैं। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब महिलाएं उचित मात्रा में फॉलिक एसिड की खुराक को रोजाना नहीं लेती हैं। इसलिए, न्यूरोलॉजिकल विकारों को रोकने के लिए विटामिन बी 12 और फोलेट जैसे उचित पोषक तत्व बहुत आवश्यक हैं।

शिशु में जन्म के समय कम वजन

आमतौर पर, शिशु में जन्म के समय कम वजन होने के कई कारण हैं, जिसमें गर्भ में एक या उससे अधिक बच्चे का होना, क्योंकि, ऐसे बच्चे अक्सर जल्दी पैदा होते हैं और कम वजन के होते हैं। उन्हें गर्भ में विकसित होने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती। इसके अलावा, एनीमिया या खून की कमी के कारण भी बच्चे का वजन कम होता है। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान महिलाएं पाने खान-पान का उचित ध्यान रखें।

समय से पहले जन्म

समय से पहले बच्चे का जन्म या प्रीमैच्योर बर्थ वह है जो गर्भावस्था के 37वें हफ़्ते से पहले पैदा होते हैं। हालाँकि, इस तरह की समस्या न केवल आपके उचित खान-पान पर निर्भर करता है बल्कि कुछ बीमारी या जटिलता के कारण भी होती है।

गर्भवस्था के दौरान किन खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं किया जाना चाहिए?

वह महिलाएं जो गर्भधारण की कोशिश कर रही हैं या गर्भवती हैं वह अपने आहार में इन चीज़ों को भूल कर भी शामिल न करें, जो निम्न हैं-

  • इस समय महिलाएं शराब का सेवन न करें क्योंकि, इसका सीधा असर आपके भ्रूण पर पड़ता है, जिससे कि शिशु का विकास अवरूद्ध हो सकता है।

  • गर्भावस्था के दौरान महिलाएं कॉफ़ी का अधिक मात्रा में सेवन न करें।

  • अगर आप ज्यादा तले-भुने खाने की शौखीन हैं तो इन दिनों  करें क्योंकि यह आपकी तकलीफें बढ़ा सकता है।

आपकी बिंदु- एक दैनिक कॉलम है, जहाँ आपको हर मर्ज़ की दवा मिल सकती है। इसके लिए आप घरेलू नुस्खे, हेल्दी फ़ूड से लेकर तमाम सभी चीज़ों की जानकारियों और अपने सवाल इस ईमेल aapkihindieditor@zenparent.in पर भेज सकते हैं।

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