प्रेगनेंसी से पहले तैयार कर लें अपना बजट

प्रेगनेंसी की खुशी हर एक माता-पिता के लिए बहुत बड़ी होती है। लेकिन, बेबी की प्लैनिंग करने वाले हर एक माता-पिता को एक बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए, कि उन्हें बेबी के आने से पहले ही उससे जुड़ी सभी तैयारियां कर लेनी चाहिए। इसी जरूरी तैयारी का ही एक हिस्सा है, बजट। किसी भी महिला के प्रेग्नेंट होने से लेकर डिलवरी तक बहुत खर्चे होते हैं। वहीं ज्यादातर माता-पिता आने वाले बच्चे की ख़ुशी में, यह नहीं समझ पाते कि उन्हें क्या लेना है और क्या नहीं।

प्री-डिलीवरी प्लानिंग (प्रसव पूर्व योजना)

हेल्थ इंस्योरेंस- आज के समय में, डिलीवरी एक महंगी प्रक्रिया है। खासकर यदि आपकी डिलीवरी सी सेक्शन से हो रही हो तो; इस तरह की स्थिति में, हेल्थ इंस्योरेंस कराना बहुत ही फायदेमंद होता है।

मैटरनिटी/ पैटरनिटी लीव- अगर आप वर्किंग हैं, तो यह पहले से सोच लें कि बच्चा आने के बाद आप किस तरह मैनेज करेंगी। क्योंकि, कुछ कंपनियाँ इसके लिए पेड लीव देती हैं, लेकिन कुछ जगह यह सुविधा नहीं दी जाती। आप अपनी सिक लीव और बाकी छुट्टियों को इस टाइम के लिए बचा कर रख सकती हैं।  

प्री-बेबी बजट- गर्भावस्था के दौरान, पैसे की बहुत अहम भूमिका होती है, और आप प्रेग्नेंट होने की भी तभी सोचें जब आप इसके लिए वित्तीय तौर पर भी तैयार हों। क्योंकि जहाँ प्रेगनेंसी के बाद, बहुत से खर्चे होते हैं, वहीं दूसरी और बेबी के आने के बाद आपके खर्चे और भी बढ़ जाते हैं। यहाँ तक कि कभी-कभी तो खर्चे ऐसे भी होते हैं, जिनकी आपने उम्मीद नहीं की थी।

पोस्ट-डिलीवरी बजट- पोस्ट-डिलीवरी बजट में, आपको बच्चे के डायपर,उसकी देखभाल और अतिरिक्त खाद्य से संबंधित अन्य चीजों की योजना बनानी होती है, ताकि आने वाले सालों में इसका असर न पड़े।

इमरजेंसी फंड- यदि आपके पास पहले से ही इमरजेंसी फंड है, तो सही है, और यदि नहीं है, तो इस स्थति में, आप कम से कम 6 महीने के खर्च को इमरजेंसी फंड के तौर पर रख लें। क्योंकि, प्रेगनेंसी के दौरान, इसकी जरूरत कभी भी पड़ सकती है।

बेबी के जन्म के 30 दिनों के अंदर बनाएं योजना

खुद के हेल्थ इंस्योरेंस से बेबी को जोडें-  यह काम जितनी जल्द हो सके कर लीजिए, क्योंकि यदि जन्म के तुरंत बाद आपके बेबी को किसी तरह की कोई समस्या होती है, तो इंस्योरेंस उसमें भी काम का सकता है।  

चाइल्ड केयर- अपने बच्चे की देखभाल  के लिए सही चाइल्ड केयर का चुनाव करें, क्योंकि मैटरनिटी लीव के बाद एक अच्छे चाइल्ड केयर का चुनाव करना बहुत जरूरी होता है। ताकि, आपके बच्चे की उचित देखभाल हो सके।

आपकी रिटायरमेंट फंड- हर पेरेंट्स बच्चे के जन्म के बाद अक्सर यह भूल जाते हैं कि, भविष्य में बच्चे की जिम्मेदारी की भी कुछ योजना होती है। क्योंकि, रिटायरमेंट फंड की योजना बनाना बहुत जरूरी है, ताकि पेरेंट्स को आगे किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।   

शिक्षा के लिए बचत- आपको अपने बच्चे के एजुकेशन के लिए भी बचत करनी होगी, क्योंकि आज के समय में पढ़ाई-लिखाई बहुत ही महंगी हो गयी है।  

हालाँकि, 18 साल की उम्र में ही बच्चे पढ़ाई के लिए बाहर निकल जाते हैं, ऐसे में आपकी रेस्पोंसबिलिटी बढ़ जाती है किआप इसे कैसे हैंडल करते हैं, लेकिन याद रहे कि आपका एक-एक स्टेप आपके बच्चे के भविष्य से जुडी है।

 

loader