यदि नवजात पूरे दिन में करते हैं 3 से अधिक उल्टियाँ तब हो सकती है यह समस्या !

नवजात में दूध की उल्टी की समस्या काफी आम बात है, क्योंकि इन दिनों शिशु को अपने पेट का सही अंदाज़ मालूम नहीं होता है कि उन्हें कितनी मात्रा में स्तनपान करना चाहिए। ऐसे में, नवजात शिशु जरूरत से ज्यादा दूध पी लेते हैं और नतीजतन दूध की उल्टियां करने लगते हैं। 

दिन भर में कितनी उल्टियां सामान्य हैं ?

हालाँकि, देखा जाए तो पूरे दिन में 2 से 3 दूध की उल्टियां सामान्य मानी जाती हैं, जैसा कि मैंने ऊपर भी कहा कि इन दिनों नवजात को अपने पेट का आईडिया बिल्कुल भी नहीं होता है कि उन्हें कितनी मात्रा में स्तनपान करना है। लेकिन, यदि यह समस्या रोजाना देखने को मिले तब यह खतरनाक हो सकती है, क्योंकि इस तरह की समस्या निम्न कारणों से भी उत्पन्न हो सकती है, जो निम्न हैं-

गैस की समस्या होने पर 

इन दिनों नवजात में गैस की समस्या काफी रूप से देखने को मिलती है, जिस कारण वो दूध को अच्छे से नहीं पचा पाते हैं, और स्तनपान करने के दौरान ही दूध की उल्टियां कर देते हैं। 

पेट में संक्रमण 

कुछ मामलों में शिशु क्योंकि के पैदा होते ही उनमें पेट संक्रमण की समस्या देखने को मिल सकती हैं। क्योंकि, जब उनके पेट में संक्रमण की समस्या होती है तब वह दूध को पचा पाने में सक्षम नहीं होते हैं जिस कारण वो दूध की उल्टियाँ करने लगते हैं। 

खांसी होने पर 

जब आपके शिशु में लंबे समय से खांसी की समस्या हो रही हो तब वह खांसते-खांसते उल्टियाँ कर देते हैं। ऐसे में, आपको अपने बच्चे के खांसी को कंट्रोल करना जरूरी है। 

शिशु में उल्टी की समस्या को कैसे कम करें ?

आमतौर पर, नवजात में उल्टी की समस्या खुद ब खुद बिना किसी खास उपचार के ठीक हो जाती है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आप निम्न बातों का ध्यान रखें जिनमें निम्न शामिल हैं-

दूध पिलाने के बाद उसे थपकी दें

इसका मतलब यह है कि जब आप शिशु को दूध पिलाती हैं, तो उसके बाद आप उनके पीठ को थपथपाएं। इसके लिए आप शिशु को अपने कंधे पर लें और हल्के हांथों से उनके पीठ को सहलाएं, ऐसा करने से शिशु को ढकार आएगी, और बच्चे उल्टियां नहीं करेंगे।

बच्चे को उछालें नहीं

दूध पिलाने के बाद बच्चे को कुछ लोग प्यार करने के चक्कर में उछालने लगते हैं, जिस कारण बच्चे उल्टियां कर देते हैं। ऐसे में, फीडिंग के तुरंत बाद बच्चे को भूल कर भी उछालने की कोशिश न करें।  

दूध पिलाने के बाद उसे सीधा रखें

अगर आप अपने बच्चे को खाना या दूध पिलाने के बाद सीधे नहीं बैठाएंगे तो उसे छाती में घुटन महसूस हो सकती है और यह बच्चे के लिए काफी खतरनाक भी हो सकता है। ऐसे में, बच्चे को दूध पिलाने के बाद उसे कुछ देर के लिए सीधा रखें।

हालाँकि, इन सब के अलावा यदि आपका बच्चा 6 महीने से अधिक उम्र का हो तब आप केवल उनेक आहार में बदलाव कर के इस समस्या से छुटकारा दिला सकता है। 

कब डॉक्टर से संपर्क करें ?

जब आपके नवजात में उल्टी की समस्या के साथ-साथ दस्त की समस्या भी सामान्य रूप से हो रही हो तब आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा, इन बातों का भी ध्यान रखें-

- जब शिशु को खांसी और जुकाम की समस्या हो। 

- जब शिशु बहुत बलपूर्वक उल्टी कर रहा हो। 

- उलटी से खून आ रहा हो। 

- साँस लेने में कठिनाई 

- स्तनपान न करना। 

- पेट का कड़ा होना, आदि जैसी समस्या उत्पन्न होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें ताकि डॉक्टर समय रहते इलाज कर सकें। 

हालाँकि, इन सब के अलावा जो सबसे जरूरी बातें हैं वह यह हैं कि जब आपका शिशु लगातार उल्टी कर रहा हो तब उसके शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में, इस दौरान आपकी यह कोशिश होनी चाहिए कि नवजात में डीहाइड्रेशन की समस्या न होने पाए और इसके लिए आप उन्हें लगातार स्तनपान कराते रहें। 

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Feature Image Source: whatinindia.com

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