विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग, और इसकी कमी को कैसे पूरा करें

विटामिन डी शरीर के लिए बहुत ही जरूरी होता है, क्योंकि यह एक प्रो-हार्मोन समूह होता है जो शरीर को कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फेट और जिंक को शरीर में अब्सॉर्ब करने में मदद करता है।  

किन लोगों में होता है विटामिन डी होने का खतरा ?

जो लोग सूर्य की रोशनी के संपर्क में नहीं रहते हैं, दूध पीने से एलर्जी हो या फिर सख्त शाकाहारी आहार का पालन करते हों तो ऐसे व्यक्ति में विटामिन डी होने का खतरा सबसे अधिक होता है। हालाँकि, सूर्य की रौशनी को विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाना जाता है।

विटामिन डी के क्या लक्षण हैं ?

विटामिन डी की कमी के कारण आपको-

  • हड्डियों में में दर्द

  • मांसपेशियों में कमजोरी

  • ह्रदय से संबंधित समस्याएं

  • बूढ़े लोगों में कार्डियोवैस्कुलर बीमारी

  • बच्चों में गंभीर अस्थमा

  • कैंसर आदि जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

विटामिन डी की कमी के कारण

विटामिन डी के कई ऐसे कारण हैं जो हो सकते हैं-

विटामिन डी युक्त खाद्य-पदार्थों का सेवन न करना

जब आप विटामिन डी युक्त खाद्य-पदार्थों का सेवन नहीं करते हैं तब इस तरह की समस्या उत्पन्न हो सकती है। वैसे लोगों में इसा तरह की समस्या तब और अधिक उत्पन्न होती है जब आप पूरी तरीके से शाकाहारी आहार का पालन करते हैं। क्योंकि, ज्यादातर नेचुरल सोर्स एनिमल बेस्ड खाद्य-पदार्थों में मिलते हैं, जैसे कि- मछली, अंडे का योक्स, दूध और बीफ लीवर में।

धूप में न के बराबर निकलना

जैसा कि ऊपर भी बताया जा चूका है कि सूर्य की रोशनी विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। ऐसे में, यदि आप धुप में न के बराबर निकलती हैं तब इससे आपके शरीर को विटामिन डी की पूर्ति नहीं होती है।

स्किन टोन के कारण

आपके शरीर का रंग भी बहुत हद तक इसके लिए जिम्मेदार है। अगर आपकी त्वचा सांवली है तो गोरी त्वचा वाले लोगों के मुकाबले सही मात्र में विटामिन डी प्रोड्यूस करने के लिए आपको दस गुना सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके स्किन पिगमेंट्स नेचुरल सनस्क्रीन की तरह काम करते हैं, और डार्क स्किन में ये पिगमेंट अधिक होते हैं इसलिए ऐसी स्किन वाले लोगों को पर्याप्त मात्र में विटामिन डी प्रोड्यूस करने के लिए देर तक धूप में रहना पड़ता है।

विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग क्या हैं ?

हड्डियों की समस्या

विटामिन डी की कमी से जो सबसे महत्वपूर्ण बीमारी का खतरा रहता है वह है हड्डियों की समस्या। क्योंकि, विटामिन D की कमी से रीढ की हड्डिया कमजोर हो जाती हैं जिससे व्यक्ति को चलने-फिरने जैसी समस्या उत्पन्न होने लगती हैं। ऐसे में, यह कोशिश करें कि आप अपने शरीर को जितना हो सके विटामिन डी लेने की कोशिश करें।

हृदय रोग

एक शोध में यह बात सामने आयी है कि विटामिन डी की कमी से ह्रदय सम्बन्धी बीमारी का भी खतरा रहता है। क्योंकि, शरीर में विटामिन डी की कमी के शिकार लोगों को दिल का दौरा पड़ने की संभावना बहुत अधिक रहती है। इसके साथ ही उनके हृदय संबंधी अन्य बीमारियां होने और दिल के दौरे से मौत होने का खतरा भी अधिक रहता है। ऐसे में, आप सूर्य की रौशनी और अन्य खाद्य पदार्थों के जरिए इसकी कमी को दूर कर सकते हैं।

मोटापा

विटामिन डी की कमी से जो होने वाले रोग का नाम आया है वह काफी चौकाने वाला है है, जी हाँ एक शोध में यह कहा गया कि विटामिन डी की कमी से मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि, इनका मानना है कि जिन महिलाओं में विटामिन D की कमी होती है, उनमें मोटापा तेजी से बढता है।

मल्टीपल सिरोसिस

मल्टीपल सिरोसिस गर्भवती महिलाओं में में होने वाली एक बीमारी है जो विटामिन डी की कमी से उत्पन्न होती है। ऐसे में, गर्भवती महिलाओं में इससे बचने के लिए धूप सेकना या विटामिन डी के सप्पलीमेंट लिए जाने चाहियें।

विटामिन डी की कमी को कैसे पूरा करें ?

विटामिन डी कमी को अपम निम्न तरीके से दूर कर सकती हैं, जो निचे दिए जा रहे हैं-

विटामिन डी की कमी के लिए फल

इसके लिए आप संतरे या उसके जूस का प्रयोग कर सकती हैं। क्योंकि, यह भी शरीर में विटामिन डी कमी को जल्दी पूरा करने का काम करता है।

सूर्य की रोशनी के जरिए

अगर आप सच में अपने बॉडी में विटामिन डी की कमी को पूरा करना चाहते हैं तब आप सूर्य से निकलने वाली पहली किरणों में जरूर बैठें क्योंकि, इसमें अल्ट्रा वायलेट किरणें होती हैं जो त्वचा से मिलकर विटामिन डी प्रोड्यूस करती हैं। इसलिए, रोजाना धुप में बैठने से भी विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है।

मछली का सेवन

विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए आप पाने आहार में मछलियों को जरूर शामिल करें। खासकर, सॉल्‍मन और टुना फिश खाने से विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है।

अंडे का सेवन

अंडा भी शरीर में विटामिन डी की मात्रा को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। इसलिए, आप अपने आहार में अंडे को भी शामिल कर सकते हैं।

डेयरी प्रोडक्ट

आप अपने आहार में दूध, दही, पनीर आदि को शामिल कर एक विटामिन डी के स्तर में सुधार कर सकते हैं।

विटामिन डी सप्लीमेंट

आजकल बाजार में विटामिन डी की दवाइयां आसानी से मिलती हैं, जिसके जरिए आप इसकी कमी को दूर कर सकती हैं। लेकिन, इसके लिए यह बहुत जरूरी है कि आप एक बार डॉक्टर की सलाह लेकर ही इन दवाओं का सेवन करें।

Feature Image Source: authoritynutrition.com

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