तो इसलिए फ्लाइट में रोते हैं बच्चे

बच्चे के साथ कई माता-पिता को उड़ान भरनें के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। कई बार ऐसी स्थिति में बच्चे रोना शुरू कर देते हैं। इससे उनको बहुत शर्मिंदगी महसूस होती है क्योंकि आपके बच्चे की रोने से और भी यात्री परेशान हो रहे होते  हैं। इस बात का ख्याल रखें ये शर्मिंदगी की बात नहीं हैबच्चे के रोने के पीछे बहुत सारी वज़ह हो सकती है। चलिए जानते हैं हवाई यात्रा में बच्चे क्यों रोते हैं। इससे बचने के लिए किन तैयारियों की जरूरत है

 

सुकून भरी उड़ान के लिए तैयारी जरूरी – इसके लिए जब पैकिंग करें तो उसकी बाॅटल, दूध, खिलौने और डायपर को रखना न भूलें। प्लेन में बच्चे को व्यस्त रखने में ये सारी चीजें काम आएंगी। इस दौरान अगर बच्चे का मूड बदलता दिखे तो उसे व्यस्त रखने की कोशिश करें। इसके अलावा उसको चाॅकलेट, लाॅलीपाप या खिलौने से बहला सकते हैं। इस बात ध्यान रखें कि उसकी पसंद की सारी जरूरी चीजें एक बैग में रख लें।

कराएं थोड़ी सैर- बच्चों को घूमना और खेलना बहुत पसंद होता है। ऐसे में अगर उनको एक जगह बैठना पड़ता है तो ये उनको अच्छा नहीं लगता है। कई बार इसलिएभी बच्चे रोना शुरू कर देते हैं। बच्चा अगर घूमने की जिद कर रहा है तो उसे थोड़ा टहलाने से परहेज न करें। इसमें को शर्म की बात नहीं है। केबिन क्रू की मदद से उसे प्लेन के पीछे खाली जगह पर लें जाएं। यहां उसे खिड़की के बाहर का नजारा दिखाने की कोशिश करें। इस दौरान अगर वो चलना चाहे तो कुछ क्षण के लिए गोद से नीचे उतार दें। ऐसा करने से यकिनन बच्चा शांत रहेगा और आपकी यात्रा सुखमय होगी।

 

बच्चे के साथ खेलें-  यात्रा के दौरान अगर बच्चा जग रहा हैतो फ्लाइट में बच्चे को खुश रखने के लिए उसके साथ खेलें। उसके साथ गाना भी गाएं। उससे बातें करें, कोशिश करें कि उसे किताबें या उसके मनपसंद खिलौने से उसे सप्राइज करें।
समझदारी से चुनें फ्लाइट कोशिश ये करें कि फ्लाइट का समय तब का रखें, जिस वक्त आपका बच्चा सोता हो। इससे आसानी से यात्रा की जा सकती है। कुछ बच्चे कार सीट में सोना पसंद करते हैं। हो सके तो उसकी कार सीट को अपने साथ लेकर जाएं।
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सीट का सही चुनाव- बच्चे के साथ सफर करने के लिए हमेशा किनारे की सीट ही चुनें। इससे बाकी यात्री के तरफ से उसे दिक्कत नहीं होगी, और यात्रियों को भी कोई समस्या नहीं आएगी। जब भी बच्चे का चलना या घूमने का मन होगा आप आसानी से उसे टहला सकते हैं।

 

जल्दी पहुंचे एयरपोर्ट पर- बच्चे के साथ सफ़र के दौरान एयरपोर्ट जल्दी पहुंचे। इससे बच्चे को आराम रहेगा। इसके अलावा फ्लाइट में जाने के पहले उसे डायपर चेक कर लें। गीला डायपर और भूख दोनों से बच्चा रो सकता हैइसलिए  नर्सिंग रूम में जाकर उसे फीडिंग जरूर करा लें।

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बाद में जाए प्लेन में आप अगर पार्टनर के साथ यात्रा कर रहे हैतो पहले उसे बोर्ड करने दें। बच्चे को लेकर आप खुद बाहर रहें। फाइनल काॅल पर बच्चे को लेकर बोर्ड करें। इससे बच्चे को फ्लाइट से बाहर रहने का थोड़ा और वक्त मिलेगा ।

 

दर्द से बचाएं- उड़ान के दौरान हवा का दबाव कम ज्यादा होता रहता है। जिससे बच्चे क्या बडे़ हर किसी के कान में दर्द होने लगता है। कान बंद होने लगता है। इससे कान में अलग तरह के साइड इफेक्ट होते हैं। कई बार में कानों में दर्द तो होता है साथ ही सुनाई भी नहीं पड़ता है। डाॅक्टर के मुताबिक छोटे बच्चों की इस्ताचियन ट्यूब के लिए इस दबाव को सहना और मुश्किल होता हैइसलिए उनको दर्द होता है और वो रोते भी हैं।  बच्चे को इस दौरान  कुछ चूसने या पीने वाली चीज दें। इससे उनके कान ब्लाॅक नहीं होंगे।

 

लोगों को करें नज़रअंदाज- फ्लाइट में जब बच्चे रोते हैतो बहुत सारे लोग मुंह बनाते हैं। कई बार तो लोग शिकायत करने से भी गुरेज नहीं करते हैं। कई लोग इस दौरान सहानभूति भी दिखाते मिल जाएंगे। ऐसे में खुद को असहाय और परेशान कतई महसूस न करें। आप सिर्फ अपने बच्चे पर ध्यान दें।

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