स्तनपान करने वाले शिशु में कैसे दूर करें पानी की कमी को ?

नवजात शिशु शुरुआत के 5 से 6 महीने पूरी तरीके से माँ के दूध पर निर्भर होते हैं। ऐसे में उन्हें इससे पहले कुछ भी बाहरी आहार नहीं दिया जाता है। लेकिन, अब बात यह आती है कि क्या नवजात के शरीर में भी पानी की कमी होती है। आमतौर पर गर्मी के मौसम में या फिर शिशु को पर्याप्त मात्रा में स्तनपान न मिल पाने के कारण इस तरह की समस्या उत्पन्न होती है। 

कैसे पता चलेगा कि शिशु के बॉडी में पानी की कमी हो रही है ?

यह किसी भी माँ के लिए काफी कठिन काम होता है कि वह कैसे अपने बच्चे में पानी की कमी को पहचानें। क्योंकि, शिशु इस समय कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं होते हैं। लेकिन, कुछ ऐसे संकेत हैं जिससे कि आप यह पता कर सकती हैं कि आपके नवाजत के शरीर में पानी की कमी हो रही है, जो निचे दिए जा रहे हैं-

कम मात्रा में यूरिन पास होना 

यह एक सबसे आम लक्षण है कि जब शिशु के शरीर में पानी की कमी होती है तब वह बहुत ही कम मात्रा में और काफी लम्बे अंतराल में करते हैं। इसके अलावा, आपको शिशु के यूरिन के रंग में बदलाव भी देखने को मिल सकता है। इस तरह के लक्षण से आप यह समझ सकती हैं कि शिशु के शरीर में पानी की कमी है। /p>

रोते समय शिशु का होंठ सूखना 

शिशु के शरीर में पानी की कमी का एक दूसरा लक्षण यह भी है कि जब आपका शिशु रोता है तब उसके मुंह और होंठ सूखने लगते हैं। इससे आप यह अंदाज़ा लगा सकती हैं कि आपके शिशु के शरीर में पानी की कमी है।

बिना आंसुओं के रोना

बच्चे का रोना सबको पता होता है, क्योंकि उनका बात मनवाने का यह एक तरीका होता है। ऐसे में, जब शिशु रो रहे हों और उनके आँख से एक बूँद भी आंसू न निकल रहे हों तब आपको यह समझना चाहिए कि आपके शिशु के शरीर में पानी की कमी है। 

शिशु का सुस्त होना 

जब शिशु जरूरत से ज्यादा सुस्त रह रहा हो, या वह अच्छे से स्तनपान न कर रहा हो तब आप यह समझ सकती हैं कि उसके बॉडी को पानी की जरूरत है। 

शिशु के शरीर में पानी की कमी होने के क्या कारण है ?

नवाजत के शरीर में पानी की कमी होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि-

शिशु का अच्छे से स्तनपान न करना। 

दस्त की समस्या होने पर भी शिशु के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। 

बुखार, या जुखाम की समस्या होने पर। 

अधिक गर्मी पड़ने के कारण और शरीर से पसीना और तरल पदार्थों के निकलने आदि के कारण। 

नवजात में पानी की कमी को कैसे दूर करें ?

4 महीने से कम उम्र के शिशु में-

जैसा कि ऊपर भी बताया जा चूका है कि इस उम्र में शिशु पूर्ण रूप से माँ के दूध पर निर्भर होते हैं। लेकिन, जब ऐसे में शिशु के शरीर में पानी की कमी हो जाये तब आप अपने शिशु को अधिक बार स्तनपान कराने की कोशिश करें। क्योंकि, इससे ही पानी  की कमी दूर होगी, इसके अलावा आप शिशु के होंठ और शरीर को किसी गीले सूती के कपडे से पोछ दें। 

5 महीने से बड़े उम्र के शिशु के लिए-

इस उम्र में आने के बाद शिशु थोड़ा बहुत बाहरी तरल-पदार्थों का सेवन करने लगते हैं। ऐसे में, आप शिशु को पानी, ग्राइप वाटर, फलों का जूस या फिर ओआरएस का घोल भी दे सकती हैं। यह शिशु के शरीर में पानी की कमी को दूर करने का काम अच्छे से करता है। 

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Feature Image Source: www.babycouture.in

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